झारखंड को मत्स्य उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में महिलाओं की सहभागिता महत्वपूर्ण:एजाज अनवर
रोजगार का एक सशक्त साधन है मछली पालन:अमरेन्द्र कुमार
महिला मत्स्य कृषकों का उत्साहवर्धन,मत्स्य निदेशालय की सराहनीय पहल
पूर्वांचल सूर्य संवाददाता
रांची।कृषि,पशुपालन व सहकारिता विभाग के संयुक्त सचिव और बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के निदेशक (प्रशासन) एजाज अनवर ने कहा है कि सामाजिक नवनिर्माण में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।समाज को स्वस्थ और समृद्ध बनाने में महिलाओं की सहभागिता जरूरी है।एजाज अनवर बीते 6 अप्रैल को मत्स्य किसान प्रशिक्षण केंद्र शालीमार धुर्वा में मत्स्य निदेशालय के तत्वावधान में आयोजित महिला मत्स्य कृषक सशक्तिकरण विषयक कार्यशाला सह संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
एजाज अनवर ने कहा कि महिलाएं अब हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।विभिन्न जगहों पर अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार के कृषि,पशुपालन व सहकारिता विभाग (मत्स्य प्रभाग) की योजनाओं से काफी संख्या में महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। इससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिल रहा है।
एजाज अनवर ने कहा कि मत्स्य पालन के क्षेत्र में भी महिलाओं की अभिरुचि बढ़ रही है।मछली पालन महिलाओं के लिए रोजगार का एक सशक्त साधन बन रहा है। झारखंड को मत्स्य उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।
एजाज अनवर ने कहा कि विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं में मछली पालन के प्रति जागरूकता बढ़ी है। इससे ग्रामीण सशक्तिकरण को भी बल मिल रहा है।
इस अवसर पर मत्स्य निदेशालय के निदेशक अमरेन्द्र कुमार ने कहा कि मछली पालन रोजगार का एक सशक्त साधन है। उन्होंने महिलाओं से मत्स्य पालन के क्षेत्र में आगे बढ़ने की अपील की।
कार्यशाला सह संगोष्ठी में मत्स्य निदेशालय के सभी उप मत्स्य निदेशक, विभिन्न जिलों के मत्स्य पदाधिकारी, मत्स्य निदेशालय के मुख्य अनुदेशक सहित काफी संख्या में महिला मत्स्य कृषक उपस्थित थे।