सावन के दूसरे सोमवार को काशी विश्वनाथ धाम में उमड़ा भक्तों का सैलाब,गंगा में बाढ़ के बावजूद कांवरियों ने किया बाबा का अभिषेक,काशी में बोल बम के गूंजे जयकारे
सावन के दूसरे सोमवार को काशी विश्वनाथ धाम में उमड़ा भक्तों का सैलाब,गंगा में बाढ़ के बावजूद कांवरियों ने किया बाबा का अभिषेक,काशी में बोल बम के गूंजे जयकारे
10 Aug 2026 | 20
वाराणसी।सावन के दूसरे सोमवार को काशी विश्वनाथ सहित काशी के शिवालयों में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा।काशी का कंकर- कंकर- शंकर की मान्यता सोमवार की नजर आयी।काशी विश्वनाथ धाम से लेकर गांव गलियों में मौजूद अन्य शिवालयों में भी आस्था का कोई ओर छोर नजर नहीं आया।
एक ओर काशी विश्वनाथ सहित प्रमुख शिवायलों में बोल-बम का घोष गूंजता रहा तो वहीं काशी विश्वनाथ गंगे की आस्था गंगा के तटपर भी चरम पर नजर आई।आस्था के पथ पर गंगा की बाढ़ ने भी भक्तों के कदमों को नहीं रोका।गंग धार मानो काशी की गलियों और बाबा धाम से एकाकार होने को आतुर नजर आई। गंगा में बाढ़ के पानी से गंगा द्वार से दर्शन भले ही बंद हो गया हो,लेकिन बाबा विश्वनाथ की चौखट को छूने को आतुर गंगा की लहरें आस्था की हिलोरों ओं आस्था के सावन से परिपूर्ण नजर आईं।
भदोही से लेकर काशी तक कांवरियों के लिए सुरक्षित होने से बम बम,बोल बम,बाबा एक सहारा है,बोल बम का नारा है के उच्चारण और आस्था के पथ पर नंगे पांव बढ़े आ रहे बोल बम,डाक बम और ताड़क बम कांवरियों से आस्था का सागर मानो काशी की ओर उमड़ पड़ा।कहीं जाम तो कहीं आस्था के शिवालयों पर अंंजुरी भर ही सही लेकिन जल और बेल पत्र चढ़ा पाने की कामना लेकर आए भक्तों ने बाबा का अभिषेक कर पुण्य कमाया।बम बम हो चली आस्था धूप से निकले पसीने से भी कम नहीं हुई।
रेल,बस और निजी वाहन हर तय रास्ते से बाबा धाम की ओर पहुंचने की आतुरता एक दिन पहले से ही नजर आने लगी थी। रात से ही रेलिंंग में डेरा डाले आस्थावानों और कांवरियों की एक ही मनौती,मनुहार और चिरौरी कि सम्हार रखिहा हे बाबा। काशी का हर कोना और हर शिवालय आस्था से ओतप्रोत नजर आया।बीएचयू विश्वनाथ,मारकंडेय महादेव, तिलभांडेश्वर,रामेश्वर महादेव सहित सभी प्रमुख शिवालय बोल बम से गूंजरे रहे हैं।