बिजनौर। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के नगीना तहसील में नंदपुर गांव के प्राचीन मंदिर में एक कुत्ते द्वारा मूर्तियों की परिक्रमा करने का मामला श्रद्धा,आस्था और रहस्य का विषय बना हुआ है।अब मानवता और पशु कल्याण की एक अहम भूमिका सामने आई है।वीडियो सामने आने के बाद कुत्ते की बिगड़ती हालत को देखते हुए पशु कल्याण से जुड़े एक एनजीओ और पशु चिकित्सकों की टीम मंदिर परिसर पहुंची और इलाज शुरू किया।
ग्रामीणों और स्थानीय लोगों के अनुसार मुताबिक यह कुत्ता बीते कई दिनों से कुछ खा-पी नहीं रहा था,उसकी हालत बेहद कमजोर हो गई थी।मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच जब कुत्ता एक स्थान पर बैठ गया और उसकी तबीयत और ज्यादा बिगड़ने लगी तब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया इसके बाद एनजीओ की टीम मंदिर परिसर पहुंची।पशु चिकित्सकों और एनजीओ कर्मियों ने सबसे पहले कुत्ते की जांच की।जांच में पता चला कि कुत्ता गंभीर रूप से डिहाइड्रेशन और कुपोषण का शिकार है।शरीर में पानी और पोषण की भारी कमी पाए जाने के बाद तुरंत उसे ड्रिप लगाई गई और जरूरी दवाइयां दी गईं।डॉक्टरों ने कहा कि कुत्ते की हालत नाजुक है,लेकिन समय पर इलाज मिलने से स्थिति में धीरे-धीरे सुधार की उम्मीद है।
डॉक्टरों ने कहा कि कुत्ते की मेडिकल जांच के लिए सैंपल लैब भेजे गए हैं,ताकि किसी वायरल संक्रमण या गंभीर बीमारी की पुष्टि की जा सके।रिपोर्ट आने के बाद आगे का इलाज होगा। फिलहाल एनजीओ की टीम मंदिर परिसर में ही कुत्ते की निगरानी कर रही है,उसके खाने-पीने, दवाइयों का ध्यान रखा जा रहा है।
बता दें कि सातवें दिन भी मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं।एनजीओ और डॉक्टरों की टीम लगातार श्रद्धालुओं से अपील कर रही है कि कुत्ते को न छेड़ा जाए और उसके इलाज में किसी भी तरह की बाधा न डाली जाए।स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी एनजीओ के साथ समन्वय बनाकर स्थिति पर नजर रखे हुए है।मंदिर में आस्था और अंधविश्वास के बीच की लकीर धुंधली पड़ती दिखाई दे रही है।विज्ञान जहां इसे कुत्ते की शारीरिक स्थिति और बीमारी से जोड़कर देख रहा है,वहीं भक्तों की भीड़ इसे साक्षात चमत्कार मान रही है।