ईरान-इजराइल वाॅर:यूपी के इन जिलों के लोग खाड़ी देशों में फंसे,मिडिल ईस्ट में तबाही से दहशत में परिवार

ईरान-इजराइल वाॅर:यूपी के इन जिलों के लोग खाड़ी देशों में फंसे,मिडिल ईस्ट में तबाही से दहशत में परिवार

03 Mar 2026 |  10

 



लखनऊ।ईरान,इजरायल और अमेरिका के बीच छिड़ी भीषण जंग ने उत्तर प्रदेश के कई परिवारों की रातों की नींद उड़ा दी है।चंदौली से लेकर झांसी और अंबेडकरनगर तक के सैकड़ों लोग खाड़ी देशों में फंसे हुए हैं।परिजनों ने अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपनों की सुरक्षित वतन वापसी के लिए गुहार लगाई है।



चंदौली,अंबेडकरनगर,झांसी,बाराबंकी,अलीगढ़,सिद्धार्थनगर, अमेठी,उन्नाव और बांदा जिलों के सैकड़ों नागरिक विदेश में फंस गए हैं।ये लोग रोजी-रोटी,पढ़ाई,बिजनेस ट्रिप और प्री-वेडिंग शूट के लिए ईरान,इजरायल,दुबई,बहरीन और कुवैत जैसे देशों में गए थे।युद्ध शुरू होने और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द होने के कारण ये सभी वहीं फंसे रह गए हैं।



इनके परिजन वीडियो कॉल के जरिए संपर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं,लेकिन कई इलाकों में इंटरनेट बंद होने के कारण संपर्क टूट गया है।पीड़ित परिवारों ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तत्काल हस्तक्षेप कर सभी भारतीयों को सुरक्षित निकालने की अपील की है।



चंदौली जिले के पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के रहने वाले प्रिंस जैन की अप्रैल में शादी है।प्रिंस अपनी मंगेतर,छोटे भाई और मंगेतर के भाई-भाभी के साथ प्री-वेडिंग शूट के लिए दुबई गए थे।प्रिंस को 2 मार्च को वापस लौटना था,लेकिन युद्ध के हालात और फ्लाइट्स रद्द होने से वे बुर्ज खलीफा के पास एक होटल में फंस गए हैं।प्रिंस के पिता अजय जैन काफी चिंतित हैं और सरकार से बच्चों की सलामती की मांग कर रहे हैं।



अंबेडकरनगर जिले के अब्दुल्लापुर मोहल्ले के एतबार हुसैन के परिवार के पांच सदस्य ईरान में फंसे हैं।इंटरनेट बंद होने से उनसे बात नहीं हो पा रही है।एतबार हुसैन फफक कर रो पड़ते हैं।वहीं झांसी जिले के नकी असगरी पिछले 10 साल से ईरान में मौलवी की शिक्षा ले रहे हैं।असगरी अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ ईरान में हैं।पिछले कई दिनों से असगरी से संपर्क न होने से उनका परिवार अनहोनी की आशंका से डरा हुआ है।



बाराबंकी जिले के लगभग तीन दर्जन से अधिक लोग ईरान के कुम शहर और अन्य इलाकों में फंसे हैं।इसमें बड़ी संख्या उन लोगों की है जो दीनी तालीम हासिल करने या जियारत के लिए वहां गए थे।आलमपुर और जैदपुर थाना क्षेत्र के कई परिवारों का संपर्क अपनों से टूट चुका है।मौलाना जौहर अब्बास और मौलाना जफर अब्बास जैसे कई स्कॉलर्स के परिजन अपनों की सलामती के लिए दिन-रात दुआएं मांग रहे हैं।



सिद्धार्थनगर जिले के शिवा सिंह इजराइल में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत हैं।शिवा ने वीडियो भेजकर बताया कि सायरन बजते ही उन्हें बंकरों में भागना पड़ता है।बीते दिनों उनके पास 300 मिसाइलें गिरीं।हालांकि इजराइल में मौजूद शिवा वहां के डिफेंस सिस्टम से संतुष्ट हैं,लेकिन घरवाले उनकी वापसी चाहते हैं।वहीं अलीगढ़ के सलमान शाहिद की बहन यूएई में रहती हैं,जिनके घर के पास हाल ही में मिसाइल गिरने से परिवार दहशत में है।



अमेठी जिले के भनौली गांव के आधा दर्जन बच्चे ईरान में रहकर रिसर्च और पढ़ाई कर रहे हैं,इनसे परिजनों का संपर्क टूट गया है।वहीं बांदा जिले के सुदर्शन होटल मैनेजमेंट की इंटर्नशिप के लिए बहरीन गए थे।सुदर्शन की मां प्रियंका ने बताया कि बेटा डरा हुआ है और मिसाइल हमलों से घबरा जाता है।बांदा और अमेठी के परिवारों ने जिला प्रशासन को पूरी डिटेल भेजकर भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई है।



उन्नाव जिले के रहने वाले राजकुमार,उनके दामाद और साले दुबई में फंसे हैं।उनकी कंपनी ने उन्हें घरों में रहने और एंबेसी के संपर्क में रहने का अलर्ट जारी किया है।परिजनों के अनुसार दुबई एयरपोर्ट पर भारी भीड़ है और लोगों के निकलने की कोई व्यवस्था नहीं है।कुवैत में भी यूपी के कई परिवारों के बच्चे फंसे हुए हैं,जो युद्ध की इस विभीषिका के बीच किसी तरह वतन वापसी का रास्ता तलाश रहे हैं।



बरेली के शहर काजी मौलाना अमजद रजा खान ईरान जंग के कारण खाड़ी देश में फंसे हुए हैं।अहमद 23 फरवरी को इबादत के लिए मक्का शरीफ गए थे,उनके साथ उनके बच्चे और अन्य रिश्तेदार भी मौजूद हैं।इंटरनेशनल फ्लाइट्स रद्द होने से उनकी 4 तारीख की वापसी पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं,उनके परिजनों और मुरीदों में दहशत का माहौल बना हुआ है।



सभी पीड़ित परिजनों की केवल एक ही मांग है कि भारत सरकार युद्ध रोकने का प्रयास करे या कम से कम भारतीयों के लिए एक सुरक्षित कॉरिडोर बनाकर उन्हें वापस लाए।खाड़ी देशों में रहने वाले करोड़ों भारतीयों की सुरक्षा अब एक बड़ी चिंता बन गई है।इंटरनेट की पाबंदी और मिसाइल हमलों के बीच फंसे इन लोगों के लिए अगले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण होने वाले हैं।


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