बरेली।रामगंगा के तट पर बसा झुमका गिरने वाला बरेली शहर का कण-कण आदिकाल से शिवमय रहा है।अब इसकी पहचान को और पुख्ता करने का प्रयास किया जा रहा है। शहर के चारों छोर पर प्रवेश द्वारों का निर्माण कराने के साथ ही भगवान शिव के प्रतीक चिह्न नंदी,डमरू आदि लगाए जा रहे हैं।शहर अब अपनी पौराणिक पहचान और आधुनिक विस्तार के अनूठे संगम के रूप में उभर रहा है।मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप बरेली विकास प्राधिकरण आगंतुकों को शहर की सांस्कृतिक विरासत से रूबरू करा रहा है।जल्द ही सीएम शहर आकर अवैद्यनाथ द्वार,रामायण वाटिका समेत अन्य नई परियोजनाओं का लोकार्पण कर सकते हैं।
यहां लगाई गई भगवान नटराज की प्रतिमा
बरेली-लखनऊ हाईवे पर बनाए गए द्वार पर भगवान नटराज की प्रतिमा स्थापना की गई है।दिल्ली हाईवे पर आधुनिक कला और पारंपरिक नक्काशी के मिश्रण से अवैद्यनाथ द्वार बनाया गया है।यहां भगवान शंकर की ध्यान मुद्रा में प्रतिमा के साथ दोनों ओर डमरू लगाए गए हैं।द्वार के पास ही 20 फुट ऊंची नंदी की प्रतिमा लगाई जा रही है।यहीं पर शहर की पहचान झुमके को भी विकसित किया जा रहा है। बदायूं रोड पर बन रहा पशुपतिनाथ प्रवेश द्वार क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और व्यापारिक सुगमता का प्रतीक बनकर उभरा है।निर्माण पूरा होने पर यहां भी भगवान शिव के प्रतीक चिह्न लगाए जाएंगे। इसी रोड पर आगे बढ़ते ही त्रिशूल लगाया गया है।बरेली में सात प्राचीन शिव मंदिर अलखनाथ त्रिवटीनाथ,मढ़ीनाथ, धोपेश्वरनाथ,पशुपतिनाथ,वनखंडीनाथ और तपेश्वरनाथ हैं। इस कारण इसे नाथ नगरी भी कहा जाता है।बीडीए ने इस पहचान को धरातल पर उतारने के लिए प्रमुख चौराहों और डिवाइडरों पर भगवान शिव के प्रतीक चिह्नों की स्थापना की है।
विस्तार ले रहा शहर,मजबूत हो रहा बुनियादी ढांचा
बढ़ती आबादी के मद्देनजर बीडीए ग्रेटर बरेली की परिकल्पना को साकार कर रहा है।रामगंगानगर आवासीय योजना में अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं।चौड़ी सड़कें,बिजली की भूमिगत लाइनें और पर्याप्त ग्रीन बेल्ट विकसित की गई है।आउटर रिंग रोड का निर्माण चल रहा है।बीडीए द्वारा विकसित किए जा रहे नए पाकों में ओपन जिम और बच्चों के लिए खेल जोन बनाए गए हैं। रामगंगानगर में भी स्पोर्ट्स स्टेडियम बनाया गया है।बीडीए उपाध्यक्ष मनिकंडन ए के अनुसार विकास कार्यों के जरिये शहर को टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित कर रहे हैं।अब बरेली सिर्फ झुमके के लिए नहीं,बल्कि अपनी भव्यता और सुनियोजित विकास के लिए भी जाना जा रहा है।
आदिनाथ चौक का हो चुका उद्घाटन
वीडीए की ओर से डेलापीर चौराहे पर बनाए गए आदिनाथ चौक का उद्घाटन बीते साल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कर चुके हैं।नैनीताल की ओर से आने वाले पर्यटक रुककर यहां लगे शिव के प्रतीक चिह्न डमरू के आगे शीश नवाते हैं,सेल्फी भी लेते हैं।सड़कों पर लग रहीं त्रिशूल लाइटें नगर निगम भी बीडीए से पीछे नहीं है। शहर को शिवमय बनाने के लिए शहर की सड़कों के किनारे त्रिशूल के आकार की लाइटें लगवा रहा है।