पूर्वांचल सूर्य संवाददाता
रांची। झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को सरल और सुलभ बनाने की दिशा में हेमंत सोरेन सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। गुरुवार को अपर मुख्य सचिव,स्वास्थ्य,चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग अजय कुमार सिंह के साथ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन झारखंड के प्रतिनिधिमंडल की बैठक हुई। बैठक में छोटे अस्पतालों को राहत देने सहित कई मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई।
क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट में राहत का प्रस्ताव
आईएमए प्रतिनिधियों ने 50 बेड तक के अस्पतालों,नर्सिंग होम और एकल क्लीनिक को क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट से छूट देने का अनुरोध किया।वर्तमान में अस्पतालों को 27 बिंदुओं पर अनुपालन करना पड़ता है,जिसमें पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड और फायर विभाग से एनओसी, बिल्डिंग मैप की स्वीकृति तथा सिविल सर्जन से पंजीकरण जैसी जटिल प्रक्रियाएं शामिल हैं।इस पर अपर मुख्य सचिव ने आश्वस्त किया कि झारखंड के लिए अलग नियमावली तैयार की जाएगी। प्रस्ताव के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में 30 बेड और शहरी क्षेत्रों में 50 बेड तक के अस्पतालों को इस एक्ट से छूट दी जा सकती है। नियमों को आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के अनुरूप सरल बनाया जाएगा।
जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड बढ़ोतरी पर आश्वासन
आईएमए ने जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी से संबंधित विषय पर विस्तार से चर्चा की। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि फाइलों की अधिकता के कारण इस बार कैबिनेट में प्रस्ताव नहीं रखा जा सका। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने इसे अगले कैबिनेट के लिए लंबित रखा है।
लंबित भुगतान 15 दिन में होगा
आईएमए ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और राज्य योजना के तहत निजी अस्पतालों के दो माह से लंबित भुगतान का मुद्दा उठाया। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि सभी भुगतान अगले 15 दिनों के भीतर जारी कर दिए जाएंगे।
ऑटो कैंसिल केस होंगे रिवाइव, एचईएम पोर्टल में राहत
बैठक में ऑटो कैंसिल मामलों को पुनर्जीवित करने पर सहमति बनी। जिला स्तर पर डीसी की अध्यक्षता वाली शिकायत निवारण समिति को सक्रिय किया जाएगा। साथ ही नए आयुष्मान एच ईएम पोर्टल 2.0 में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए मुखिया या जिला पंचायत सदस्य से प्रमाणित मैप को मान्य किया जाएगा।
आईएमए ने सरकार के सकारात्मक रुख का किया स्वागत
आईएमए झारखंड ने हेमंत सोरेन सरकार के इस सकारात्मक रुख का स्वागत किया है।संगठन का मानना है कि इन निर्णयों से छोटे अस्पतालों, जूनियर डॉक्टरों और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी।
बैठक में झासा अध्यक्ष डॉ. विमलेश सिंह, राज्य समन्वयक डॉ. अजय कुमार सिंह, सचिव डॉ.प्रदीप सिंह, डॉ.शंभू प्रसाद सिंह, वीमेंस विंग की सदस्य डॉ.अनुपम सिंह और झासा के राज्य सचिव डॉ. मृत्युंजय शामिल थे।