मां छिन्नमस्ता मंदिर परिसर में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई शुरू,दुकानदारों के सामने रोजीरोटी का संकट

मां छिन्नमस्ता मंदिर परिसर में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई शुरू,दुकानदारों के सामने रोजीरोटी का संकट

17 Apr 2026 |  15

मां छिन्नमस्ता मंदिर परिसर में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई शुरू,दुकानदारों के सामने रोजीरोटी का संकट



हाई कोर्ट के निर्देश पर रजरप्पा के छिन्नमस्ता मंदिर परिसर में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई हुई शुरू



पूर्वांचल सूर्य प्रतिनिधि



रजरप्पा/रामगढ़।प्रसिद्ध सिद्ध पीठ मां छिन्नमस्ता मंदिर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई गुरुवार से शुरू हो गई। झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश पर इस अभियान के तहत चिन्हित 254 दुकानदारों में से अधिकतर ने प्रशासनिक कार्रवाई से पहले ही अपनी-अपनी दुकानें खाली करनी शुरू कर दी। मंदिर परिसर में मजिस्ट्रेट की तैनाती के साथ भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद था।जिला प्रशासन अतिक्रमण हटाने को लेकर 7 जेसीबी मशीन लेकर मंदिर परिसर पहुंची।



सुबह होते ही मंदिर परिसर का नजारा बदला-बदला दिखा,जहां कभी दुकानें सजी रहती थीं, वहां अब लोग अपने सामान समेटते दिखे। रातभर कई दुकानदार छोटे-बड़े वाहनों से अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाते नजर आए, लेकिन इस पूरी प्रक्रिया के बीच उनके चेहरों पर मायूसी और भविष्य की चिंता साफ झलक रही थी।



दुकानदार सुरेश साहू ने कहा,हम 50 साल से यहां दुकान चला रहे थे,यही हमारी रोजी-रोटी थी। अब अचानक सब खत्म हो गया, समझ नहीं आ रहा आगे क्या करेंगे। वे सिर्फ व्यापार नहीं करते थे, बल्कि मां छिन्नमस्ता की सेवा से जुड़े हुए थे। श्रद्धालुओं को प्रसाद,फूल-माला और पूजन सामग्री उपलब्ध कराना उनका जीवन का हिस्सा था। अब अचानक दुकानें हटने से उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।



दुकानदार अविनाश ने भावुक होकर कहा,हमारा पूरा परिवार इसी दुकान पर निर्भर था।बच्चों की पढ़ाई,घर खर्च सब इसी से चलता था। अब हम सड़क पर आ गए हैं। हमारी पूरी जिंदगी यहीं बीती है, अब अचानक सब कुछ खत्म हो रहा है।आगे क्या होगा समझ नहीं आ रहा।एक अन्य दुकानदार गणेश यादव ने कहा,हम प्रशासन के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन हमें बसाने का इंतजाम भी होना चाहिए था. बिना विकल्प के हटाना बहुत दुखदायी है।



मंदिर के पुजारी सुबोध पंडा ने कहा,मां छिन्नमस्ता धाम में व्यवस्था में सुधार जरूरी है, लेकिन यहां वर्षों से जुड़े लोगों की आजीविका का भी ध्यान रखना चाहिए। ये लोग मंदिर सेवा से भी जुड़े रहे हैं।



दुकानदार सह पुजारी लोकेश पंडा ने भावुक होकर कहा,हम लोग वर्षों से यहां मां छिन्नमस्ता की सेवा भी कर रहे थे और इसी दुकान से अपने परिवार का पालन-पोषण भी करते थे। सुबह पूजा-पाठ और दिनभर श्रद्धालुओं की सेवा यही हमारी दिनचर्या थी,अब दुकान हटने से सिर्फ रोजगार ही नहीं, बल्कि मां की सेवा से भी दूर होने का दर्द है। हम प्रशासन से बस यही मांग करते हैं कि हमें कहीं और व्यवस्थित कर दिया जाए, ताकि हम अपनी आजीविका और आस्था दोनों को जारी रख सकें।



 इस संबंध में अनुमंडल पदाधिकारी अनुराग कुमार तिवारी ने कहा कि यह कार्रवाई उच्च न्यायालय के निर्देश पर की जा रही है। हमारा उद्देश्य मंदिर परिसर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाना है, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिल सके। अधिकतर दुकानदारों ने सहयोग करते हुए खुद ही अतिक्रमण हटा लिया है। प्रशासन कानून के तहत कार्रवाई कर रहा है और पूरे अभियान को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने पर ध्यान दिया जा रहा है।



फिलहाल रजरप्पा मंदिर परिसर में चल रही इस कार्रवाई ने एक ओर जहां व्यवस्था सुधार की दिशा में कदम बढ़ाया है, वहीं दूसरी ओर सैकड़ों परिवारों के सामने आजीविका का बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। अब सबकी नजर इस पर हैं कि इन प्रभावित परिवारों के लिए आगे क्या व्यवस्था की जाती है।


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