सुनील कुमार डे का साहित्यिक सफर:सुनील कुमार डे की 35वीं पुस्तक सबूज सकाल का विमोचन 12 जनवरी को

सुनील कुमार डे का साहित्यिक सफर:सुनील कुमार डे की 35वीं पुस्तक सबूज सकाल का विमोचन 12 जनवरी को

07 Jan 2026 |  21

 



जितेंद्र ज्योतिषी 



किसी भी साहित्यकार के लिए 35 पुस्तकें प्रकाशित होना एक महान उपलब्धि के साथ गर्व की बात है।ऐसे ही पोटका प्रखंड में एक साहित्यकार हैं जिनका अभी तक बांग्ला और हिन्दी में मिलाकर कुल 34 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है और उनकी 35वीं पुस्तक प्रकाशित होगी। आगामी 12 जनवरी  को माताजी आश्रम  हाता में विवेकानंद जयंती के शुभ अवसर पर महान और प्रतिष्ठित साहित्यकार का नाम सुनील कुमार डे है। जुड़ी पंचायत में स्थित नुआग्राम उनकी जन्मभूमि है जिनकी जन्मतिथि 19.01.1959 है। स्वर्गीय मोहिनी मोहन दे और स्वर्गीय बेला रानी दे के सुपुत्र बचपन से ही काफ़ी प्रतिभाशाली व्यक्ति थे।सुनील कुमार डे कवि, लेखक, गीतिकार, कहानीकार, इतिहासकार, उपन्यासकार, नाट्यकार आदि है।‌ श्री दे बांग्ला और हिन्दी दोनों भाषा में लिखते है। श्री डे ने 1971 साल से ही लिखना प्रारम्भ किया जो अभी भी जारी है।



इन महान साहित्यकार की 35वीं पुस्तक,सबूज सकाल जो बांग्ला में लिखी गई है उसका विमोचन आगामी 12जनवरी को माताजी आश्रम हाता में विवेकानंद जयंती के दिन किया जायेगा। यह पुस्तक वर्तमान सामाजिक परिप्रेक्ष्य में लिखी गई है जो समाज को नई दिशा देंगी। लेखक ने इस पुस्तक में एक सबूज सकाल ऊर्फ एक सुंदर और स्वच्छ समाज की परिकल्पना की है। उम्मीद है लेखक सुनील कुमार डे की यह पुस्तक चर्चित होगी और पाठक पसंद करेंगे। साहित्यकार सुनील कुमार डे को साहित्य सेवा में उत्कृष्ट योगदान के लिए अनेक संस्थाओं ने समय समय पर सम्मानित किया है और अभी भी यह सिलसिला जारी है।


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