चालना बादडीह,गोसाईडीह से प्रतिदिन निकल रहे हैं सैंकड़ों ट्रैक्टर अवैध बालू,जिला खनन टास्क फोर्स शिथिल 

चालना बादडीह,गोसाईडीह से प्रतिदिन निकल रहे हैं सैंकड़ों ट्रैक्टर अवैध बालू,जिला खनन टास्क फोर्स शिथिल 

07 Jan 2026 |  22

 



पूर्वांचल सूर्य प्रतिनिधि,जामताड़ा।जिला खनन टास्क फोर्स के नाक के नीचे बालू का अवैध कारोबार चरम पर है,लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।बात कर रहे हैं जामताड़ा थाना क्षेत्र के चालना बादडीह और गोसाईडीह बालू घाट की,जहां से प्रतिदिन 100 से 150 की संख्या में बरकार नदी से ट्रैक्टर में अवैध बालू धनबाद भेजे जा रहे हैं।इसमें बालू माफिया का पूरा सिंडिकेट काम कर रहा है।इतने बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध कारोबार पर जिला खनन टास्क फोर्स की ओर से अब तक एक भी कार्रवाई नहीं किया जाना एक बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। 



बता दें कि जामताड़ा जिला में प्रशासन की शिथिलता और अनदेखी के कारण खनिज संपदा के अवैध कारोबार फल फूल रहें हैं। इस पर रोकथाम के लिए जिला स्तर पर खनन टास्क फोर्स गठित की गई है,जिसमें थाना प्रभारी से लेकर अंचलाधिकारी और खनन पदाधिकारी से लेकर उपायुक्त तक समिति के पदाधिकारी है। प्रत्येक महीना बैठक में रिव्यू होता है, लेकिन इस अवैध कारोबार पर रोकथाम नहीं लग पा रहा है।स्थिति यह है कि सिंडिकेट के द्वारा जर्जर और ऊबड़-खाबड़ सड़क को स्टोन डस्ट से भरकर दुरुस्त कर दिया गया है ताकि अवैध रूप से बालू की ढुलाई किया जा सके। इतने बड़े पैमाने पर कारोबार हो रहा है और प्रशासन या यूं कहें कि जिला खनन टास्क फोर्स खामोश बैठी हुई है। 



स्थानीय लोगों के अनुसार सिंडिकेट के लोग लोकल ट्रैक्टर वालों से प्रति ट्रिप 700 रुपए की अवैध उगाही करते हैं।वही धनबाद जिला के ट्रैक्टर चालकों से प्रति ट्रिप 1000 रुपए की वसूली की जाती है। कौन है सिंडिकेट के ऐसे लोग जो तमाम सरकारी निर्देशों को धता बताते हुए इस अवैध धंधे को अंजाम दे रहा है।



ऐसे में सवाल यह उठता है कि ग्राम पंचायत के अधीन आने वाले इन बालू घाटों का राजस्व न तो ग्राम पंचायत को मिल रहा है और न सरकार को। दिलचस्प बात यह है कि फिलहाल बालू के परिचालन को लेकर कोई चालान भी नहीं काटा जा रहा है।



मालूम हो कि सरकारी दर के अनुसार 15 रुपए प्रति सीएफटी बालू के दर से एक ट्रैक्टर पर सरकार का राजस्व 1500 रुपए आता है। इस तरह एक अनुमान के मुताबिक यहां सरकार को प्रतिदिन 2 लाख से ज्यादा का नुकसान जो रहा है। बालू माफियाओं के मनोबल के बात करे तो दिन भर इन बालू घाटों से बेरोकटोक बालू की तस्करी हो रही है। जामताड़ा के चालना से बालू का उठाव कर धोबना होते हुए बेजरा पुल पार करते हुए बालू धनबाद जिला में बिना रोक टोक जा रहा है।यह सवाल राजनीतिक दलों की ओर से विभिन्न मंचों पर बार-बार उठाया जा रहा है। जिला खनन टास्क फोर्स की खामोशी उनके आरोपों को मजबूती दे रहे हैं।


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