समाजशास्त्र के जनक ऑगस्ट कॉम्टे की 228वीं जयंती पर संगोष्ठी आयोजित

समाजशास्त्र के जनक ऑगस्ट कॉम्टे की 228वीं जयंती पर संगोष्ठी आयोजित

21 Jan 2026 |  24

 



 



पूर्वांचल सूर्य प्रतिनिधि,रामगढ़।राधा गोविन्द विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग द्वारा समाजशास्त्र के जनक ऑगस्ट कॉम्टे की 228वीं जयंती के अवसर पर एक विचारगोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को समाजशास्त्र की उत्पत्ति,विकास और सामाजिक अध्ययन में कॉम्टे के योगदान से अवगत कराना था।कार्यक्रम की शुरुआत ऑगस्ट कॉम्टे के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।



राधा गोविन्द विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बीएन साह ने अपने संबोधन में कहा कि ऑगस्ट कॉम्टे ने समाज के वैज्ञानिक अध्ययन की नींव रखी और समाजशास्त्र को एक स्वतंत्र विषय के रूप में स्थापित किया। उन्होंने कॉम्टे के प्रत्यक्षवाद  और तीन अवस्थाओं के सिद्धांत को आधुनिक समाज के अध्ययन में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।



विश्वविद्यालय सचिव प्रियंका कुमारी ने समाजिक स्थिरता, सामाजिक परिवर्तन तथा समकालीन सामाजिक समस्याओं के समाधान में समाजशास्त्र की भूमिका पर प्रकाश डाला।विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर डॉक्टर रश्मि ने अपने वक्तव्य में कहा कि समाजशास्त्र सामाजिक जीवन,सामाजिक परिवर्तन और मानव व्यवहार के सामाजिक कारणों और परिणामों का अध्ययन है।समाजशास्त्री समूहों,संगठनों और समाजों की संरचना और इन संदर्भों में लोगों के परस्पर क्रिया-कलापों का अध्ययन करते हैं।समाजशास्त्र विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉक्टर गोविंद कुमार रोहित,डॉक्टर मीरा रानी ने भी अपने संबोधन में अगस्त कॉमटे के योगदान का विस्तृत उल्लेख किया। 



मौके पर विश्वविद्यालय कुलसचिव प्रोफेसर डॉक्टर निर्मल कुमार मंडल,वित्त एवं लेखा पदाधिकारी डॉक्टर संजय कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर डॉक्टर अशोक कुमार,विभाग के अन्य व्याख्यातागण,शोधार्थी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


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