आगरा।सोशल मीडिया पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की महिला एजेंट के जाल में फंसकर आगरा जिले के कागारौल के चीतपुर गांव के रहने वाले आदर्श कुमार उर्फ लकी ने नौसेना से संबंधित गोपनीय सूचनाओं को लीक किया था।दोस्ती के बाद व्हाट्सएप और मैसेंजर से वॉइस और वीडियो कॉल करता था।सूचनाएं देने के लिए खाते में पैसा लेता था।आईएसआई महिला एजेंट के बारे में जानकारी मिलने के बाद दो साल से एटीएस नौसेना के आरोपी जवान के बारे में गोपनीय जानकारी जुटा रही थी।शादी के बाद हनीमून के लिए आदर्श दुबई गया था। दुबई से लौटने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
बता दें कि केरल के कोच्चि में नेवल के दक्षिण कमांड में तैनात आदर्श को सोमवार को यूपी एटीएस ने गिरफ्तार किया था। आदर्श को लखनऊ कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। आदर्श ने आईएसआई की महिला एजेंट को युद्धपोत की तस्वीर और लोकेशन भेजी थीं।
एटीएस सूत्रों के मुताबिक
एटीएस के सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने एजेंट के रूप में कई युवतियों को एजेंट बना रखा है।उनके फेसबुक पर फर्जी नाम और पते से आईडी हैं। इनके माध्यम से सेना से जुड़े लोगों को जाल में फंसाया जाता है,उनकी फोटो भी उपलब्ध होती है।
आईएसआई की महिला एजेंट सैन्य कर्मियों के संपर्क में आकर भेजती हैं फ्रैंड रिक्वेस्ट
बता दें कि आईएसआई की महिला एजेंट सैन्य कर्मियों के संपर्क में आकर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजती हैं।सामान्य बातचीत से शुरू हुआ सिलसिला खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान में बदल जाता है।इसके लिए आईएसआई महिला एजेंट दो तरीके अपनाती हैं।एक तो संबंधित कर्मचारियों से प्यार भरी बातें करती हैं। हनी ट्रैप में लेकर अश्लील वीडियो काल भी करती हैं।कई बार जाल में फंसे व्यक्ति को ब्लैकमेल कर जानकारी हासिल की जाती है।
पाकिस्तान से चलता है हनी ट्रैप गैंग
एक साल पहले फिरोजाबाद की ऑर्डिनेंस फैक्टरी के चार्जमैन रविंदर को एटीएस ने गिरफ्तार किया था।रविंदर पर गोपनीय सूचनाओं लीक करने का आरोप था।रविंदर को नेहा शर्मा नाम की आईएसआई महिला एजेंट ने फेसबुक पर अपने जाल में फंसाया था।ऑर्डिनेंस फैक्टरी में उस समय गगनयान से संबंधित उपकरण तैयार किया जा रहे थे।
तीन साल से हनी ट्रैप का शिकार बन रहा था नौसेना का जवान
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने वाले भारतीय नौसेना के जवान आदर्श कुमार उर्फ लकी तीन साल पहले हनी ट्रैप का शिकार बना था।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर आईएसआई की महिला एजेंट ने आशी नाम की महिला की आईडी बनाकर उसे फंसाया था। इसके बाद उससे व्हाट्सएप पर भी दोस्ती गांठी और उसका भरोसा जीतने के बाद युद्ध पोतों की तस्वीरें भेजने को कहा। तस्वीरें भेजने के बाद उसके बैंक खाते में कई बार में हजारों रुपये भेजे गए।