वरुण गांधी ने परिवार संग पीएम मोदी से की मुलाकात,जल्द खत्म हो सकता है सियासी वनवास

वरुण गांधी ने परिवार संग पीएम मोदी से की मुलाकात,जल्द खत्म हो सकता है सियासी वनवास

17 Mar 2026 |  25

 



लखनऊ।पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के बेटे पीलीभीत के पूर्व भारतीय जनता पार्टी के सांसद वरुण गांधी ने मंगलवार को अपने परिवार के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।वरुण गांधी के साथ उनकी पत्नी और बेटी भी थी।इस मुलाकात को बंगाल चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है,लेकिन सवाल यह है कि क्या वरुण गांधी का सियासी वनवास खत्म होने वाला है।



वरुण गांधी ने पीएम मोदी से मुलाकात की तस्वीर एक्स पर पोस्ट किया।वरुण गांधी ने कहा कि परिवार सहित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर उनका आर्शीर्वाद और मार्गदर्शन पाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।पीएम मोदी को लेकर वरुण ने लिखा, आपके आभामंडल में अद्भुत पितृवत स्नेह और संरक्षण का भाव है।आपसे हुई भेंट इस विश्वास को और भी दृढ़ बना देती है कि आप देश और देशवासियों के सच्चे अभिभावक हैं।



पीएम मोदी के साथ वरुण गांधी की मुलाकात को लेकर सियासी अटकलें लगनी शुरू हो गई है।वरुण गांधी ने पीएम से मुलाकात ऐसे समय किया है,जब पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों में चुनावी बिगुल बज चुका है।



वरुण गांधी ने पीएम मोदी से मुलाकात की है।इस मुलाकात को बंगाल चुनाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है,क्योंकि वरुण गांधी की पत्नी मूल रूप से बंगाली हैं।भाजपा बंगाल में सत्ता में वापसी के लिए इस बार पूरी जोर लगा रही है,ऐसे में वरुण गांधी का इस्तेमाल भाजपा बंगाल चुनाव प्रचार में कर सकती है।



वरुण गांधी भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव रहते हुए पश्चिम बंगाल के प्रभारी रहे हैं।बंगाल में भाजपा को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए वरुण ने उस समय के बंगाल भाजपा के अध्यक्ष रहे राहुल सिन्हा के साथ काम किया।भाजपा ने राहुल सिन्हा को राज्यसभा भेजा है तो अब वरुण की पीएम मोदी को बंगाल में उन्हें सक्रिय करने के रूप में देखा जा रहा है।



पीलीभीत से भाजपा के पूर्व सांसद वरुण गांधी काफी समय से पार्टी से नाराज चल रहे थे, 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने पीलीभीत से वरुण टिकट काट दिया था और उनकी जगह पर ब्राह्मण समाज से आने वाले जितिन प्रसाद को टिकट दिया गया था।जितिन प्रसाद पीलीभीत से सांसद चुने जाने के बाद मोदी सरकार में मंत्री हैं।



वरुण गांधी की मां पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी को 2024 में सुल्तानपुर लोकसभा से टिकट दिया गया था,लेकिन मेनका चुनाव हार गई थीं।भाजपा ने मेनका को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी और महासचिव के पद से हटा दिया था,इसके बाद से भाजपा के इस गांधी परिवार और भाजपा के बीच एक बड़ी दूरी देखी जा रही थी। वरुण गांधी भी सरकार पर निशाना साधने का कोई मौका नहीं छोड़ते थे।किसान से लेकर नौजवान तक के मुद्दे पर मुखर थे।



पीएम मोदी से मुलाकात करने के बाद अब जिस तरीके से वरुण गांधी ने पीएम के साथ अपनी तस्वीर शेयर की है और उनके साथ हुई मुलाकात को एक पिता के समान का व्यवहार करार दिया है,ऐसा लगता है अब सियासी दूरियां खत्म हो रही हैं,ऐसे में वरुण का सियासी वनवास भी खत्म हो सकता है।वरुण गांधी तीन बार सांसद रहे। 2009 में पीलीभीत, 2014 में सुल्तानपुर और 2019 में फिर से पीलीभीत से सांसद चुने गए,लेकिन 2024 में टिकट काट दिया गया था।



वरुण गांधी की पीएम मोदी से मुलाकात ऐसे समय हुई जब भाजपा की राष्ट्रीय टीम से लेकर यूपी में पंकज चौधरी की टीम बनाने की कवायद चल रही है,यही नहीं उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और इस साल अक्तूबर में राज्यसभा का चुनाव है।



भाजपा की कमान जब तक राजनाथ सिंह के पास रही,तब तक वरुण गांधी की पार्टी में सम्मानजनक हैसियत रही,वरुण पार्टी महासचिव रहे,पश्चिम बंगाल में पार्टी के प्रभारी भी रहे। राजनाथ सिंह के भाजपा अध्यक्ष रहते हुए वरुण पहली बार 2009 में पीलीभीत से लोकसभा का चुनाव लड़ा था।जब भाजपा में नरेंद्र मोदी को पीएम प्रत्याशी बनाने के लिए 2013 में उठापटक जारी थी,तब वरुण ने केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह की तुलना अटल बिहारी वाजपेयी से करते हुए पीएम उम्मीदवार बनाने की वक़ालत की थी।



भाजपा की कमान जब अमित शाह के हाथ में आई,तो उन्होंने वरुण गांधी को पार्टी महासचिव से हटा दिया,उनसे बंगाल की भी ज़िम्मेदारी वापस ले ली गई,इसके बाद से वरुण भाजपा में हाशिए पर चले गए।



प्रयागराज में आयोजित 2016 की भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक दौरान,वरुण गांधी के समर्थकों ने वरुण को 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश करने के लिए शक्ति प्रदर्शन किया। यह भाजपा और संघ नेतृत्व को रास नहीं आया,इसके बाद से वरुण धीरे-धीरे हाशिए पर चले गए और फिर उन्होंने बागी तेवर अपना लिया।



वरुण गांधी ने जिस तरह से पीएम मोदी से मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री को अपना अभिवाहक बताया और मार्गदर्शन देने की बात कही है,उससे साफ है कि भाजपा में फिर से उनके अच्छे दिन आने वाले हैं।यूपी में राज्यसभा की 10 सीटें नंवबर में खाली हो रही है,ऐसे में भाजपा वरुण को राज्यसभा भेज सकती है,इसके अलावा भाजपा के बन रहे नए संगठन में कोई अहम रोल दिया जा सकता है।


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