वाराणसी।स्कूल और काॅलेजों में गर्मी की छुट्टियां हो चुकी हैं।अब अभिभावकों पर घुमाने ले जाने का भारी दबाव है।गर्मी में ठंडक की चाह वालों ने पहाड़ों को इन दिनों जाम कर दिया है। पहाड़ों पर ट्रैफिक जाम की तस्वीरें लोगों को डराने लगीं तो वे गर्मी में देश का सबसे बड़ा टूरिस्ट हब बनी आध्यात्मिक नगरी काशी का रुख कर लिया।अब काशी भी जाम हो चुकी है।ट्रेनों में सीट नहीं,विमानों में सीट नहीं।ट्रैवेल कंपनियों ने दो रुपये प्रति किलोमीटर का रेट भी बढ़ा दिया है।
विमानों में किराया सीजन में पीक पर है तो ट्रेनों में वेटिंंग खत्म होने के बाद रिग्रेट की कंडीशन आ चुकी है। आध्यात्मिक नगरी काशी में घाट,होटल,धर्मशालाओं में भारी भीड़ है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील का असर उनके अपने ही संसदीय क्षेत्र में नजर नहीं आ रहा है।लोगों में घूमने का शौक इतना हावी है कि अपनी गाड़ी का तेल फूंकते हुए लोग दिल्ली-एनीसीआर और हरियाणा तक से काशी पहुंचे हैं। गोदौलिया इलके में वाहन तो दूर आदमियों की भीड़ है।इतनी भीड़ है कि दूर से ही यातायात विभाग गाड़ियों को लौटा रहा है।
माना जा रहा है कि अब जून महीने में भी स्कूल और काॅलेजों में छुट्टी होने से लोगों की भीड़ पूरे जून नजर आएगी।आने वाले दिनों में भी इस हालात से मुक्ति मिलने की संभावना नहीं है।पेट्रोल,डीजल और सीएनजी की कीमतें बढ़ चुकी हैं,पीएम मोदी को अपील तक करनी पड़ गई,लेकिन आस्था का सावन जेठ महीने को ही पावन मान कर आध्यात्मिक काशी में उमड़ पड़ा है।बाबा विश्वनाथ से लेकर विभिन्न मंदिरों और घाटों पर लोगों की भारी भीड़ है।बाबा विश्वनाथ के दरबार में भी वीआईपी दर्शन का अपार दबाव है।
हर आध्यात्मिक नगरी काशी में लोगों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है,होटलों और धर्मशालाओं पर भी काफी दबाव बढ़ चुका है।बीते दिनों गैस किल्लत से होटलों ने भी भोजन की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है,लेकिन भीड़ इतनी है कि कीमतों में हुई बढ़ोतरी भी इनको रोक नहीं सकी है।मौसम का भी कुछ साथ मिला और लू में कमी के बाद लोगों की भीड़ ने पहाड़ों की वायरल हो रही भीड़ और जाम के बाद काशी को जाम कर दिया है।
वैसे तो गोदौलिया और मैदागिन से लेकर बाबा विश्वनाथ दरबार और घाट तक भीड़ सिर्फ दोपहर में ही और आधी रात के बाद ही कम होती है, लेकिन अब इन क्षेत्रों में चौबीसों घंटे लोगों की भीड़ नजर आने लगी है। जबकि कई दुकानें भी अब चौबीसों घंटे खुली रह रही हैं। इसकी वजह से माना जा रहा है कि कारोबार तो चटख हुआ है,लेकिन आध्यात्मिक नगरी काशी पूरी तरह से जाम होने की स्थिति में आ गयी है।शाम में गंगा आरती,गंगा द्वार,शीतला घाट और दशाश्वमेध घाट पर हो रही है,लेकिन वहां भी अब समय से नहीं जाने पर खड़े होने के जगह का अकाल होने लगा है,जबकि काशी के लोग भी अब जाम के अभ्यस्त होते जा रहे हैं,लेकिन भीड़ होने पर अपने घर आने जाने के लिए घाट क्षेत्र के लोगों को अब लोगों की यह भीड़ बाधा बनने लगी है।
कारोबारियों की मुताबिक सर्वाधिक भीड़ दिल्ली-एनसीआर और दक्षिण भारत के लोगों की इन दिनों काशी में उमड़ी है। हर दिन बाबार दरबार में लाख दो लाख भक्त दर्शन कर रहे हैं तो बाजारों में वाहन चलाने से बेहतर पैदल चलना ही नजर आ रहा है। बनारसी ही नहीं सैलानी भी अब कह रहे हैं कि सुबह बनारस शाम बनारस जब देखो तब जाम बनारस।