काशी के मणिकर्णिका घाट पर गूंजे वैदिक मंत्र,नेपाल में आई भीषण बाढ़ के मृतकों के लिए हुआ विशेष श्राद्ध-तर्पण

काशी के मणिकर्णिका घाट पर गूंजे वैदिक मंत्र,नेपाल में आई भीषण बाढ़ के मृतकों के लिए हुआ विशेष श्राद्ध-तर्पण

03 Sep 2026 |  6

 



वाराणसी।नेपाल में आई भीषण से लोग गहरे दुख में हैं।इसमें मृतकों की आत्मा की शांति के लिए नेपाल के साथ भारत में भी जगह-जगह दुआ और प्रार्थना का जारी है।बुधवार को मणिकर्णिका घाट पर नेपाल राष्ट्र की तरफ से काशी में नियुक्त पुरोहित लाल मोहरिया परिवार ने मृतकों के लिए श्राद्ध-तर्पण कराया।मणिकर्णिका घाट पर विधि-विधान से श्राद्ध-तर्पण कर मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।उन लोगों के लिए भी कामना की गई,जो इस भीषण बाढ़ के बाद अपने परिवार से बिछड़ गए हैं।घायल लोगों के जल्द स्वस्थ होने की भी प्रार्थना की गई।पूजन के दौरान काशीवासियों और पुरोहितों ने अपने हाथों में तख्तियां लेकर भी अपनी बात सामने रखी।



पूजन के दौरान अभय द्विवेदी और गौरव द्विवेदी ने बताया कि लाल मोहरिया परिवार को नेपाल राज परिवार की ओर से काशी में नेपाल राष्ट्र के वासियों और नेपाल राज परिवार के लिए अनुष्ठान, पूजन और श्राद्ध-तर्पण कराने के लिए अधिकृत किया गया है। उन्होंने बताया कि इसी जिम्मेदारी के तहत नेपाल में आई इस त्रासदी में भी श्राद्ध-तर्पण कराया गया। उन्होंने बताया कि इस त्रासदी में जिन लोगों की जान चली गई,उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करना उनकी जिम्मेदारी है,इसके साथ ही घायलों के जल्द स्वस्थ होने और जो लोग अपने परिवार से बिछड़ गए हैं, उनके जल्द अपनों से मिलने की कामना भी की गई।



अभय द्विवेदी और गौरव द्विवेदी ने बताया कि यह पूजन और श्राद्ध-तर्पण सिर्फ अभी तक सीमित नहीं रहेगा।त्रासदी से प्रभावित कोई भी परिवार अगर काशी आकर श्राद्ध-तर्पण या पूजन कराना चाहता है, तो लाल मोहरिया परिवार की ओर से यह सेवा आगे भी निशुल्क जारी रखी जाएगी।इस पहल के जरिए त्रासदी में अपनों को खोने वाले परिवारों के लिए धार्मिक अनुष्ठान की व्यवस्था करने की बात कही गई है।



लाल मोहरिया परिवार का कहना है कि नेपाल त्रासदी से प्रभावित परिवार अगर काशी आकर अपने मृत परिजनों के लिए श्राद्ध-तर्पण और पूजन कराना चाहते हैं, तो उन्हें इसके लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा।



बता दें कि मणिकर्णिका घाट पर हुए इस अनुष्ठान में सिर्फ मृतकों के लिए ही प्रार्थना नहीं की गई।बल्कि भीषण बाढ़ से प्रभावित हर व्यक्ति के लिए कामना की गई।मृतकों की आत्मा को शांति मिले,जो लोग अपनों से बिछड़ गए हैं,वे जल्द अपने परिवार से मिल सकें और घायल लोग जल्द स्वस्थ हों,इसके लिए भी प्रार्थना की गई।


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