पूर्वांचल सूर्य प्रतिनिधि,रजरप्पा(रामगढ़)। बुधवार को चैत्र नवरात्र का चौथा एवं पांचवां दिन था। इस अवसर पर जिले के रजरप्पा में स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ स्थल मां छिन्नमस्ता मंदिर को फूलों से भव्य रूप से सजाया गया।खूबसूरत लाइटिंग पूरे मंदिर परिसर में की गई,जिससे मंदिर की खूबसूरती देखते ही बन रही,जो भी भक्त आ रहे हैं वह फूलों की सजावट को देख मंत्रमुग्ध हो रहे हैं।
मंदिर में की गई है फूलों की भव्य सजावट
चैत्र नवरात्र के शुरू होने से पहले कोलकाता से आए 25 कारीगरों की टीम द्वारा मां छिन्नमस्ता मंदिर परिसर को फूलों की सजावट से भव्य रूप दिया गया। कोलकाता, दिल्ली, बेंगलुरु और अन्य स्थान के फूलों से पूरे मंदिर परिसर को सजाया गया है। फूलों की ऐसी सजावट मां भगवती के दरबार को भव्यता को चार चांद लगा रहा है। रंग-बिरंगे फूलों से मंदिर सजने के बाद पूरा क्षेत्र खुशबू से महक उठा है।
कोलकाता के कारीगरों ने सजाया पूरा मंदिर
कोलकाता से आए कारीगर ने बताया कि वह पिछले 8-10 सालों से लगातार माता के मंदिर को सजाने के लिए कोलकाता से पूरी टीम के साथ आते हैं। इस बार 25 कारीगरों की टीम के साथ मंदिर को सजाने के लिए आए हुए हैं। कारीगरों ने बताया के साज सज्जा का ये कार्य उनके लिए सिर्फ पेशा नहीं बल्कि माता रानी के प्रति उनकी आत्मियता है। पिछले 15 दिनों से मंदिर को सजाने की तैयारी चल रही है और आज देर रात तक मंदिर परिसर को पूरी तरह सजा दिया गया। कृत्रिम फूलों के साथ-साथ कोलकाता, बेंगलुरु और दिल्ली से भी मंगाए गए प्राकृतिक फूलों से सजावट की गई और पूरे मंदिर को भव्य तरीके से सजा दिया गया है।
श्रृंगार और फूलों की सजावट देखकर भक्त अभिभूत
झारखंड के बाहर से आए भक्तों ने कहा कि माता का श्रृंगार और भव्य फूलों की सजावट देखकर वह काफी अभिभूत है। माता का आशीर्वाद तो यहां आने मात्र से हीं मिलता है, लेकिन यह सजावट और यहां की भव्यता देखने को काफी कम मिलती है। पूरे मंदिर को जिस तरह फूलों से सजाया गया है, वह काफी आकर्षक लग रहा है।
फूलों से बनाया गया शिवलिंग का आकार
मंदिर के वरिष्ठ पुजारी पोपेश पंडा ने बताया कि हर वर्ष चैत्र नवरात्र में फूलों से मंदिर को भव्य बनाया जाता है। मंदिर में दर्शन करने आए श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देने के साथ-साथ मंदिर परिसर में की गई फूल और लाइट की सजावट लोगों को और भी आनंदित कर रही है। उन्होंने बताया कि मां छिन्नमस्ता का यह मंदिर जागृत सिद्धपीठ है, जो भी भक्त माता के इस मंदिर में आते हैं माता का आशीर्वाद मिलता है। साथ ही भक्तों की मनोकामनाएं भी अवश्य पूरी होती हैं। विशेष तौर पर नवरात्र का अपना अलग महत्व है।