युवा आपदा मित्र योजना के तहत सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का हुआ समापन,प्रशिक्षुओं के बीच बांटा गया प्रमाण-पत्र,कीट और हस्तपुस्तिका

युवा आपदा मित्र योजना के तहत सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का हुआ समापन,प्रशिक्षुओं के बीच बांटा गया प्रमाण-पत्र,कीट और हस्तपुस्तिका

07 Feb 2026 |  24

 



पूर्वांचल सूर्य संवाददाता,पाकुड़। जिले में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से संचालित युवा आपदा मित्र योजना के तहत आयोजित सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का सफलतापूर्वक समापन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से चयनित युवाओं ने उत्साह और समर्पण के साथ भाग लिया। 



समापन अवसर पर उपायुक्त मनीष कुमार और अपर समाहर्ता जेम्स सुरीन द्वारा प्रशिक्षुओं के बीच प्रमाण-पत्र, ईआरके कीट और आपदा प्रबंधन से संबंधित हस्तपुस्तिका का वितरण किया गया।



इस अवसर पर उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में आपदा प्रबंधन को लेकर जागरूकता एवं प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक हो गया है।उपायुक्त ने कहा कि आपदाएं मुख्यतः दो प्रकार की होती हैं-प्राकृतिक आपदा एवं मानव जनित आपदा। प्राकृतिक आपदाओं को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता, लेकिन पूर्व तैयारी, वैज्ञानिक प्रबंधन एवं प्रशिक्षित मानव संसाधन के माध्यम से उनके प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है। 



उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि कई बार लापरवाही एवं नियमों की अनदेखी के कारण मानव जनित आपदाएं उत्पन्न होती हैं। ऐसे में प्रशिक्षित युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। उपायुक्त ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशिक्षण प्राप्त युवा आपदा के समय समाज के लिए मजबूत सहायक बनेंगे तथा राहत एवं बचाव कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। 



उपायुक्त मनीष कुमार ने आग लगने,बाढ़,भूकंप,डूबने जैसी आपात परिस्थितियों में बचाव के उपाय, प्राथमिक उपचार एवं राहत कार्यों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने पर बल दिया। उपायुक्त ने कहा कि विभिन्न संस्थानों में नियमित रूप से मॉक ड्रिल एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए, जिससे लोगों में आपदा के समय त्वरित एवं सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित हो सके। 



उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि युवा आपदा मित्र योजना युवाओं में सेवा भावना,नेतृत्व क्षमता एवं सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उपायुक्त ने प्रशिक्षुओं से अपील करते हुए कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन से संबंधित जागरूकता फैलाएं तथा प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर समाज की सेवा करें।


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