पंचायत समिति की बैठक में जनसमस्याओं पर भारी हंगामा, बीडीओ ने प्रतिनिधि पतियों को सदन से बाहर निकाला
6 महीने बाद जुटी पंचायत समिति,भ्रष्टाचार और लापरवाही पर चला चाबुक
प्रतिनिधि पतियों की बैठक में नो एंट्री,बीडीओ के तेवर से मचा हड़कंप
झूलते तार और जर्जर आंगनबाड़ी,पलाजोरी प्रशासन की फाइल में सब ठीक,धरातल पर खतरा
पूर्वांचल सूर्य प्रतिनिधि
पलाजोरी,देवघर।प्रखंड मुख्यालय स्थित सभागार में गुरुवार को प्रमुख उषा किरण मरांडी की अध्यक्षता में पंचायत समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। लगभग छह माह के लंबे अंतराल के बाद हुई इस बैठक में विकास योजनाओं की सुस्त रफ्तार और अधिकारियों की लापरवाही पर सदस्यों ने जमकर भड़ास निकाली। बैठक उस समय चर्चा का केंद्र बन गई जब बीडीओ चंदन कुमार सिंह ने सख्त रुख अपनाते हुए बैठक में मौजूद महिला सदस्यों के पतियों को सदन से बाहर जाने का निर्देश दे दिया।
जर्जर आंगनबाड़ी केंद्र और एलएस की कार्यशैली पर कड़ा रुख
बैठक में बाल विकास परियोजना की समीक्षा के दौरान लेडी सुपरवाइजर की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठे। प्रमुख ने बताया कि नंदकुरा और दलदली आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन अत्यंत जर्जर हैं,जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।आरोप लगा कि कर्मी केंद्रों का दौरा नहीं कर रहे हैं और बच्चों के पोषण की राशि भी बकाया है। पारदर्शिता के लिए अब एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाने का निर्णय लिया गया है। बीडीओ ने आँगनबाड़ी में चयन की आमसभा रिपोर्ट ससमय जिला भेजने का निर्देश दिया।
स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटिलेटर पर, केंद्रों में एएनएम की कमी
प्रखंड की स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा।सदस्यों ने बताया कि कई उप-स्वास्थ्य केंद्रों में एएनएम नहीं होने के कारण टीकाकरण ठप पड़ा है। महिला डॉक्टर की मांग अब तक अधूरी है।विभाग ने रोस्टर की डिमांड भी पूरी नहीं की है। ब्लीचिंग पाउडर की किल्लत से महामारी का खतरा बढ़ गया है।
खतरे की घंटी, झूलते तार और सूखी जलमीनारें
बिजली विभाग की लापरवाही को लेकर सदस्यों ने कड़ा रोष जताया। कई गांव में जर्जर तार मौत को दावत दे रहे हैं,वहीं ब्लॉक रोड के बीचों-बीच लगा बिजली का पोल राहगीरों के लिए खतरा बना हुआ है। पेयजल विभाग की समीक्षा में कई जलमीनारों में तकनीकी खराबी का मामला उठा, जिससे जलापूर्ति ठप है।
बीडीओ की सख्ती से हड़कंप
बैठक के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई जब बीडीओ चंदन कुमार सिंह ने नियमों का हवाला देते हुए महिला प्रतिनिधियों की जगह बैठक में शामिल उनके पतियों को बाहर निकलने का निर्देश दिया। बीडीओ की इस कार्रवाई के बाद सभी बाहरी लोग बाहर निकल गए। अब चर्चा है कि क्या आगामी अन्य बैठकों में भी इसी तरह की सख्ती देखने को मिलेगी।
बैठक के अन्य मुख्य बिंदु
फंड की कमी:सीसीटीवी लगाने का प्रस्ताव फंड के अभाव में अटका हुआ है। सदस्यों ने आरोप लगाया कि उन्हें फंड और खर्च की जानकारी नहीं दी जाती।
कृषि व पशुपालन: ब्लॉक चेन टेक्नोलॉजी से बीज वितरण की जानकारी दी गई। पशुपालन विभाग को अंशदान जमा नहीं करने वाले लाभुकों को नोटिस जारी करने का निर्देश मिला।
नई पंचायतों की भागीदारी: समिति में पांच नए पंचायतों—भुरकुण्डी, बिराजपुर, महुआडाबर, बसाहा और कुंजबोना के मुखिया का चयन किया गया।
बैठक में ये रहे मौजूद
प्रमुख उषा किरण मरांडी, उपप्रमुख पायल साधु,बीडीओ चंदन कुमार सिंह, पशुपालन पदाधिकारी डॉक्टर ब्रजेश कुमार,कल्याण पदाधिकारी सहीद रज़ा, जेएसएलपीएस बीपीएम संजय कुमार, बीटीएम धर्मेंद्र कुमार, पंचायती राज पदाधिकारी सुभाष राय, पंचायत समिति सदस्य सलीम हसन, कुंती देवी, सरिता मरांडी, रिंकी कुमार, रोजीनी टुडू, खुशबु बीबी, सागीर अंसारी, चंद्रदेव मोहली, मानिसल हांसदा, उत्तम कुमार राय, जाकिर मियां, मुस्तफा मियां, अजय पहाड़िया,संतोष कुमार बेसरा, जीतेन्द्र महतो,मो. खालिद जिया,बबलू महतो, टिकेश्वर हांसदा, मो. आज़रुद्दीन अंसारी सहित अन्य पंचायत समिति सदस्य उपस्थित थे।