आगरा।उत्तर प्रदेश में एसआई भर्ती परीक्षा में पंडित पर सवाल पूछने का मामला अभी ठंडा नहीं हुआ था कि अब परिषदीय स्कूलों की सातवीं की परीक्षा में सवाल पूछने पर मामला बुधवार को गरमा गया है।आगरा में परिषदीय उच्च प्राथमिक स्कूलों में सातवीं में संस्कृत विषय की परीक्षा में सवाल पूछा गया,इसमें विभाग ऐक्शन में आ गया है।इस संबंध में आगरा डायट से जवाब तलत किया गया है।
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के निदेशक गणेश कुमार ने आगरा के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के प्राचार्य को पत्र लिखकर ऐसा सवाल पूछने पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। प्रश्न बनाने वाले प्रवक्ता से इस पर अब स्पष्टीकरण मांगा जाएगा और फिर आगे कार्रवाई होगी।
कक्षा सात की संस्कृत विषय की परीक्षा में खंड एक के बहुविकल्पीय प्रश्न संख्या-पांच में प्रहेलिका : पाठ के आधार पर वह कौन है जो बिना पैर के दूर तक जाता है और साक्षर है लेकिन पंडित नहीं है।आगरा की यह खबर प्रकाशित होने और सोशल मीडिया पर सवाल को वायरल किए जाने के बाद आखिरकार शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है।उसने ऐसा विवादित सवाल बनाने पर डायट आगरा के प्राचार्य को निर्देश दिए कि प्रश्न पत्र बनाने वाले प्रवक्ता से इस प्रश्न पर स्पष्टीकरण मांगा जाए और फिर आगे कार्रवाई की जाए।
इससे पहले एसआई भर्ती परीक्षा में पहले दिन की परीक्षा में सामान्य हिंदी के प्रश्न पत्र में पूछे गए एक सवाल को लेकर कड़ी आपत्ति जताई गई।प्रश्न में पूछा गया है कि अवसर के अनुसार बदलने वाला इस वाक्यांश के लिए एक शब्द का चयन कीजिए,इसमें चार विकल्पों में पहला है सदाचारी,दूसरा पंडित,तीसरा अवसरवादी और चौथा निष्कपट।पंडित विकल्प दिए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।मामला वायरल होने के बाद उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक एक्स पर किए पोस्ट में कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में आए एक प्रश्न को लेकर जो विकल्प दिए गए उन पर हमे कड़ी आपत्ति है। सरकार ने गंभीरता से संज्ञान में लिया है। किसी भी प्रश्न से किसी समाज या वर्ग की गरिमा को ठेस पहुंचती है तो यह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है।
इसके अलावा जौनपुर जिले के बदलापुर से भाजपा विधायक रमेश चंद्र मिश्र के साथ भाजपा के प्रदेश मंत्री अभिजात मिश्रा ने नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है। इसके बाद सीएम योगी ने भी इस पर नाराजगी जताई थी। पुलिस भर्ती बोर्ड ने भी इसकी जांच कराने की बात कही।