चतरा सांसद कालीचरण सिंह की बड़ी पहल,केंद्रीय कोयला सचिव से मिलकर त्रुटि पूर्ण मानचित्र एवं अनावश्यक भूमि अधिग्रहण के पुनः सर्वेक्षण की मांग की

चतरा सांसद कालीचरण सिंह की बड़ी पहल,केंद्रीय कोयला सचिव से मिलकर त्रुटि पूर्ण मानचित्र एवं अनावश्यक भूमि अधिग्रहण के पुनः सर्वेक्षण की मांग की

03 Apr 2026 |  8

 



 पूर्वांचल सूर्य प्रतिनिधि



चतरा।चतरा लोकसभा क्षेत्र में आम्रपाली कोल परियोजना के तहत चल रहे सेरेनदाग रेलवे साइडिंग विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है।स्थानीय ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए चतरा सांसद कालीचरण सिंह ने दिल्ली में मोर्चा संभाल लिया है।सांसद ने केंद्रीय कोयला और खान सचिव से मुलाकात कर इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच और पुनः सर्वेक्षण की मांग की है।



टंडवा प्रखंड के सेरेनदाग गांव में प्रस्तावित रेलवे साइडिंग और भूमि अधिग्रहण को लेकर उपजा विवाद अब सीधे केंद्र सरकार के गलियारों तक पहुंच गया है।सांसद कालीचरण सिंह ने हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल के साथ मिलकर कोयला सचिव को पत्र सौंपा है।सांसद ने अपनी शिकायत में स्पष्ट किया है कि लगभग 297 एकड़ भूमि पर सीबीए एक्ट के तहत जो अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है,वह सवालों के घेरे में है।सीएमपीडीआई की रिपोर्ट के अनुसार उक्त जमीन के नीचे कोयले की उपलब्धता नहीं है।फिर भी वहां खनन के नाम पर किसानों की उपजाऊ जमीन छीनने की उपाय लगातार की जा रही है।



विदित हो कि स्थानीय ग्रामीणों से भूमि का एनओसी लेने को लेकर आम्रपाली परियोजना के पूर्व जीएम अमरेश कुमार सिंह के द्वारा 19 बार पत्र जारी किया गया था,जिसका सेरनदाग के ग्रामीणों ने लगातार 19 बार विरोध कर बहिष्कार किया।



इस मामले पर टंडवा प्रखंड के सांसद प्रतिनिधि ईश्वर दयाल पांडेय ने कहा कि चतरा सांसद कालीचरण सिंह जनहित के मुद्दों को लेकर सदैव संवेदनशील रहे हैं और ग्रामीणों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।



​सांसद ने अपने पत्र में दो प्रमुख मांगें रखी है।पुनः सर्वेक्षण, रेलवे साइडिंग के प्रस्तावित मानचित्र में बदलाव किया जाए ताकि गांव को विस्थापन से बचाया जा सके।अनावश्यक भूमि की मुक्ति,जिन जमीनों पर कोयला नहीं है, उन्हें अधिग्रहण मुक्त किया जाए।



​ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्व में हुई ग्राम सभाओं में अनियमितताएं बरती गई हैं और नियमों को ताक पर रखकर एनओसी हासिल करने का प्रयास किया गया। सांसद की इस सक्रियता से अब ग्रामीणों में एक नई उम्मीद जगी है कि जल्द ही उन्हें विस्थापन के डर से मुक्ति मिलेगी और विकास के नाम पर हो रही मनमानी पर रोक लगेगी।अब देखना यह होगा कि केंद्र सरकार के सचिव स्तर से इस मामले में क्या निर्देश जारी होते हैं। सांसद की इस पहल से पूरे क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज है।



​चतरा सांसद कालीचरण सिंह ने केंद्रीय कोयला सचिव से मिलकर सेरेनदाग में हो रहे अनावश्यक भूमि अधिग्रहण और त्रुटिपूर्ण रेलवे साइडिंग मानचित्र के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है।ग्रामीणों की मांग पर सांसद ने की पुनः सर्वेक्षण की मांग।



​जनहित के मुद्दों पर सांसद कालीचरण सिंह सदैव तत्पर: ईश्वर दयाल पांडेय (सांसद प्रतिनिधि, टंडवा) ने कहा कि ग्रामीणों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।


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