डिग्री कॉलेज निर्माण पर रोक के बाद गरमाया जमीन विवाद

डिग्री कॉलेज निर्माण पर रोक के बाद गरमाया जमीन विवाद

10 Apr 2026 |  7

 



पूर्वांचल सूर्य प्रतिनिधि



बड़कागांव।बड़कागांव प्रखंड के हरली में प्रस्तावित डिग्री महाविद्यालय के निर्माण पर उच्च न्यायालय द्वारा रोक लगाए जाने के बाद अब जमीन विवाद ने तूल पकड़ लिया है।मामले को लेकर ग्रामीणों में हलचल बढ़ गई है और राज्य संपोषित प्लस टू उच्च विद्यालय हरली की जमीन की पुनः जांच की मांग तेज हो गई है।



इस संबंध में पूर्व मुखिया महेंद्र महतो ने हजारीबाग अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन देकर गंभीर आरोप लगाए हैं। महेंद्र महतो ने कहा है कि विद्यालय की लगभग 1 एकड़ 26 डिसमिल जमीन को चाहरदिवारी के बाहर छोड़ दिया गया है, जिससे विद्यालय की जमीन का रकबा घटाया जा रहा है। आरोप है कि प्लॉट संख्या 441 (46 डिसमिल), 440 (35 डिसमिल) और 438 (45 डिसमिल) को जानबूझकर बाहर रखा गया है।



आवेदन में उल्लेख किया गया है कि वर्ष 1965 में 17 रैयतों द्वारा विद्यालय निर्माण हेतु कुल जमीन दान की गई थी। वर्तमान में डीएमएफटी मद से विशेष प्रमंडल हजारीबाग के माध्यम से संवेदक द्वारा चाहरदिवारी निर्माण कराया जा रहा है,लेकिन बिना अंचल अमीन की भूमि प्रतिवेदन के ही कार्य शुरू कर दिया गया है।



संवेदक और विद्यालय प्रबंधन पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए पूर्व मुखिया महेंद्र महतो ने कहा कि निजी स्वार्थ में जमीन को किसानों के लिए छोड़ दिया गया है,जो सामाजिक अपराध है।महतो ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भूमि पर कब्जे को लेकर विवाद बढ़ सकता है, जिससे विद्यालय बंद होने और हिंसक झड़प की आशंका भी है।वहीं विद्यालय प्रबंधन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने पहले ही संबंधित अधिकारियों को कई बार पत्र लिखकर विद्यालय की कुल 10 एकड़ जमीन की मापी कराने की मांग की है। इसमें 8 एकड़ 35 डिसमिल दान की गई भूमि और 1 एकड़ 65 डिसमिल गैरमजरूआ जमीन शामिल है,लेकिन अब तक किसी भी अधिकारी ने इस पर संज्ञान नहीं लिया है।



विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय अमीन द्वारा चिन्हित भूमि के आधार पर ही चाहरदिवारी का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि बिना विद्यालय प्रबंधन समिति और दानदाताओं की सहमति के 4 एकड़ 7 डिसमिल जमीन डिग्री कॉलेज के लिए आवंटित कर दी गई।इस मामले में दायर रिट याचिका संख्या 1575/2026 पर सुनवाई करते हुए 17 मार्च 2026 को उच्च न्यायालय ने डिग्री महाविद्यालय के निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाते हुए विद्यालय की भूमि में किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं करने का आदेश दिया है।



संवेदक अमित पांडे ने कहा कि उन्हें जो भूमि चिन्हित कर दी गई है, उसी के अनुसार कार्य किया जा रहा है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस संवेदनशील मामले में क्या कदम उठाता है और विद्यालय की जमीन विवाद का समाधान कब तक हो पाता है।


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