अयोध्या।राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी की जांच तेज हो गई है। अयोध्या पहुंची एसआईटी की टीम दूसरे दिन भी राम मंदिर परिसर पहुंची।सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसियां छह ऐसे कर्मचारियों और सेवादारों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं, जो दान राशि,बैंक जमा प्रक्रिया,नोटों की गिनती और दान में मिले सोना-चांदी के प्रबंधन से जुड़े थे।हालांकि अभी तक किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी या हिरासत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है,लेकिन एसआईटी ने सभी संदिग्धों से लंबी पूछताछ की है और उनकी आय,संपत्ति और वित्तीय लेन-देन की जांच शुरू कर दी है।
रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू
सूत्रों के मुताबिक रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू मंदिर में दान राशि को बैंक में जमा कराने की प्रक्रिया से जुड़े प्रमुख लोगों में शामिल था।जांच एजेंसियां उसकी कथित संपत्तियों और आय के स्रोतों की पड़ताल कर रही हैं।
अयोध्या और आसपास कई मकान और जमीन होने की चर्चा।
एयरपोर्ट क्षेत्र में महंगी जमीन में निवेश की जांच।
लग्जरी वाहनों, होटल और रेस्टोरेंट में कथित साझेदारी की पड़ताल।
पूर्व में टेंपो चलाने से लेकर वर्तमान आर्थिक स्थिति तक के बदलाव को जांच का विषय बनाया गया है।
सूत्रों का दावा है कि टिन्नू के भतीजे मनीष यादव की नियुक्ति भी मंदिर व्यवस्था में कराई गई थी।जांच के दौरान मनीष यादव की निशानदेही पर लगभग 36 लाख रुपये नकद बरामद होने की चर्चा है,हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
मनीष यादव
मनीष यादव की भूमिका भी जांच के घेरे में है।जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि दान राशि की प्रक्रिया में उनकी क्या जिम्मेदारी थी और उनके वित्तीय लेन-देन का स्रोत क्या है।
केडी तिवारी
दान स्वरूप मिलने वाले सोना,चांदी और अन्य कीमती धातुओं के रखरखाव और रिकॉर्ड से जुड़ी जिम्मेदारियों के कारण केडी तिवारी भी जांच एजेंसियों के रडार पर हैं।
SIT यह जांच कर रही है
सोना-चांदी के भंडारण की प्रक्रिया क्या थी।
रिकॉर्ड और वास्तविक भंडार में कोई अंतर तो नहीं।
कीमती धातुओं की एंट्री और सुरक्षित रखरखाव में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई।
राजेश पाठक
अयोध्या के खाले पुरवा निवासी राजेश पाठक नोटों की गिनती करने वाली टीम में शामिल बताए जाते हैं।
सूत्रों के अनुसार
पिछले 5-6 वर्षों में उनकी आर्थिक स्थिति और जीवनशैली में आए बदलाव की जांच की जा रही है।
ट्रस्ट और जांच एजेंसियों ने उनसे कई दौर की पूछताछ की है।
आय और संपत्ति के स्रोतों का मिलान किया जा रहा है।
लवकुश मिश्रा
लवकुश मिश्रा इस पूरे मामले का सबसे चर्चित नाम बनकर उभरे हैं।
जांच के दौरान
उनके घर से लाखों रुपये नकद बरामद होने की चर्चा सामने आई।
दान राशि की गिनती से जुड़े कार्यों में उनकी भूमिका की जांच हो रही है।
एसआईटी ने उनसे कई दौर की पूछताछ की है।
उनकी संपत्तियों, बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन का ब्योरा जुटाया जा रहा है।
अनुकल्प मिश्रा
अनुकल्प मिश्रा लवकुश मिश्रा के जीजा बताए जाते हैं,ये भी जांच के घेरे में हैं।
सूत्रों के अनुसार
दोनों मंदिर में नोटों की गिनती से जुड़े कार्यों में शामिल थे।
दोनों की आर्थिक स्थिति में कथित रूप से तेज बदलाव आया।
जसआईटी उनके बैंक खातों, संपत्तियों और आय के स्रोतों का मिलान कर रही है।