वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल बैंकिंग पहलों का शुभारंभ
वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल बैंकिंग पहलों का शुभारंभ
11 Sep 2026 | 15
रांची।ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (जीएफएफ) के दौरान भारत सरकार के वित्तीय सेवा विभाग के सचिव संजय लोहिया ने वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए नई डिजिटल बैंकिंग पहलों का शुभारंभ किया।इनमें तत्काल रुपे कार्ड और व्यापारी यूपीआई क्यूआर जारी करने वाले ओपन-सोर्स एटीएम, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के लिए यूपीआई पर क्रेडिट लाइन और आधार सक्षम भुगतान प्रणाली (एईपीएस) के तहत थ्री-पार्टी नकद जमा सुविधा शामिल है।
भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) और एटीएम विनिर्माताओं के सहयोग से विकसित ओपन-सोर्स एंड्रॉयड एटीएम से ग्राहक बैंक शाखा जाए बिना रुपे डेबिट, क्रेडिट और एनसीएमसी कार्ड प्राप्त कर सकेंगे,जबकि व्यापारी यूपीआई क्यूआर जारी कर भुगतान स्वीकार कर सकेंगे।इन एटीएम से चेक जमा,खाता खोलने और ऋण आवेदन जैसी सुविधाएं भी दी जा सकेंगी और इन्हें ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में डिजिटल बैंकिंग इकाइयों के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
यूपीआई पर क्रेडिट लाइन के तहत पात्र केसीसी और मुद्रा लाभार्थी स्वीकृत ऋण सीमा का यूपीआई के जरिए इस्तेमाल कर सकेंगे। वर्तमान में 7.7 करोड़ से अधिक सक्रिय केसीसी खातों में 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृत ऋण सीमाएं हैं, जबकि मुद्रा योजना के तहत 57 करोड़ से अधिक ऋणों की राशि 40 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। वहीं एईपीएस की थ्री-पार्टी नकद जमा सुविधा के तहत ई-केवाईसी पंजीकृत व्यक्ति आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और लाभार्थी सत्यापन के जरिए सहभागी केंद्र संचालकों के माध्यम से सीधे बैंक खातों में नकद जमा कर सकेंगे।