कभी सरपट दौड़ते थे ट्रक,आज बनी संकरी गली,अतिक्रमण की भेंट चढ़ गई ऐतिहासिक क्रॉस रोड

कभी सरपट दौड़ते थे ट्रक,आज बनी संकरी गली,अतिक्रमण की भेंट चढ़ गई ऐतिहासिक क्रॉस रोड

10 Feb 2026 |  18

 



शाहजहांपुर।उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में ब्रिटिश काल की क्रॉस रोड शहरी विकास में मील का पत्थर रही है।कभी विहंगम और चौड़ी सड़कों का प्रतीक रही ये रोड आज के रिंग रोड मॉडल की तरह विकसित की गई थी।कोतवाली के गुदड़ी बाज़ार से शुरू होकर खन्नौत नदी के तटबंध तक जाने वाली यह सड़क केवल यातायात का मार्ग नहीं,बल्कि शहर को बाढ़ से बचाने वाला एक सुरक्षा कवच भी थी,जो आज अतिक्रमण की भेंट चढ़ गई है।क्राॅस रोड का इतिहास शहर के आधुनिक आर्थिक और भौगोलिक ढांचे की नींव माना जाता है।



क्रॉस रोड ब्रिटिश काल की एक दूरदर्शी परियोजना थी।इसका मुख्य उद्देश्य खन्नौत नदी पर तटबंध बनाकर शहर को तराई क्षेत्र की बाढ़ से सुरक्षित करना था।गुदड़ी बाज़ार से बिसरात घाट और वर्तमान वित्त मंत्री के आवास तक जाने वाली यह सड़क पहले अस्तित्व में नहीं थी।अंग्रेजों ने इस सड़क के जरिए न केवल जल निकासी की समस्या सुलझाई,बल्कि इसके पास न्यूगंज मंडी,मार्केट स्थापित कर व्यापार को नई दिशा दी।आज यह ऐतिहासिक मार्ग संकरा हो चुका है।



ब्रिटिश शासन के दौरान क्रॉस रोड का निर्माण एक रणनीतिक कदम था,उस समय शाहजहांपुर का एक बड़ा हिस्सा तराई क्षेत्र होने के कारण बाढ़ की चपेट में रहता था।इस समस्या के स्थाई समाधान के लिए खन्नौत नदी के समानांतर एक मजबूत तटबंध वाली सड़क तैयार की गई।गुदड़ी बाज़ार चौराहे से शुरू होकर यह सड़क वर्तमान वित्त मंत्री के आवास तक जाती है, ये बाद में नेशनल हाईवे का हिस्सा बनी।इसने शहर के भूगोल को पूरी तरह बदल दिया।



क्रॉस रोड के साथ ही अंग्रेजों ने न्यूगंज मंडी की स्थापना की थी।न्यूगंज मंडी उस समय की सबसे आधुनिक मंडियों में शुमार थी।यह सड़क इतनी चौड़ी थी कि यहां से बड़े ट्रक भी आसानी से गुजर जाते थे,जिससे व्यापारिक गतिविधियों को काफी बल मिला।हालांकि समय के साथ बढ़ते अतिक्रमण ने इस ऐतिहासिक सड़क के स्वरूप को बिगाड़ दिया है।कभी चौड़ी और भव्य दिखने वाली यह सड़क अब गलियों की तरह संकरी होकर रह गई है।


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