गंगा एक्सप्रेसवे से नैमिषारण्य की राह हुई आसान, तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी की उम्मीद

गंगा एक्सप्रेसवे से नैमिषारण्य की राह हुई आसान, तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी की उम्मीद

06 May 2026 |  30

 



सीतापुर।उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में नैमिषारण्य को तीर्थाटन में वैश्विक पटल पर उभारने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।इसके लिए तीर्थनगरी को देश और सूबे की राजधानी लखनऊ के साथ ही आध्यात्मिक केंद्रों से भी जोड़ा जा रहा है।



स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को गति देने के साथ नैमिषारण्य की बेहतर कनेक्टिविटी पर योगी सरकार का विशेष ध्यान 



स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को गति देने के साथ तीर्थनगरी 

नैमिषारण्य की बेहतर कनेक्टिवटी पर भी योगी सरकार का विशेष ध्यान है।इसीलिए गाजियाबाद से सीतापुर तक दो नई रेल लाइन बिछाने को मंजूरी देने के बाद अब मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया गया है। गंगा एक्सप्रेसवे से प्रयागराज,संभल के कल्किधाम और हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर के बन रहे नए तीर्थ सर्किट से नैमिषारण्य भी जुड़ गया है।वाया हरदोई गंगा एक्सप्रेसवे से मेरठ और प्रयागराज की यात्रा सुगम होगी।

मेरठ की सात से नौ घंटे की दूरी अब सिर्फ पांच-छह घंटे में तय की जा सकेगी।प्रयागराज भी लगभग एक से डेढ़ घंटे कम समय में पहुंचा जा सकेगा। इससे नैमिषारण्य आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी होगी।



बिलग्राम वाया संडीला-नैमिषारण्य का रास्ता



हरदोई जिले में बिलग्राम के पास गांगा एक्सप्रेसवे पर कट दिया गया है। यहां से नैमिषारण्य की दूरी सिर्फ 70 किलोमीटर है।बिलग्राम वाया संडीला-नैमिषारण्य आने-जाने के लिए निजी के साथ ही सार्वजनिक साधन भी उपलब्ध हैं।परिवहन निगम के साथ ही निजी बस चलती हैं। बिलग्राम से निकटवर्ती स्टेशन माधवगंज है,जो बिलग्राम से लगभग 10 किलोमीटर दूर है।



हर साल दो करोड़ तीर्थयात्री बढ़ने की संभावना



गंगा एक्सप्रेसवे से नैमिषारण्य आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में लगभग दो करोड़ की बढ़ोतरी की संभावना है। इसको लेकर पर्यटन विभाग ने संभावित तीर्थयात्रियों और उनकी सुविधाओं को लेकर रेखाचित्र भी खींचना शुरू कर दिया है। विभाग को उम्मीद है कि पश्चिम के साथ ही वाराणसी वाया प्रयागराज-नैमिषारण्य आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ेगी।



नैमिषारण्य को पश्चिमी भारत से जोड़ेगी नई रेल लाइन,बनेगा आध्यात्मिक पर्यटन का नया केंद्र



पूर्वोत्तर भारत से अधिकांश तीर्थयात्री वाराणसी में बाबा विश्वनाथ का दर्शन करने के लिए आते हैं।इसके बाद प्रयागराज में संगम स्नान कर वापस लौट जाते हैं।सुगम राह होने से अब वाराणसी आने वाले यात्रियों का एक बड़ा हिस्सा नैमिषारण्य भी आएगा।



गंगा एक्सप्रेसवे से नैमिषारण्य में तीर्थयात्रियों की बढ़ेगी संख्या 



गंगा एक्सप्रेसवे से नैमिषारण्य में तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ेगी।अब तक करीब तीन करोड़ तीर्थयात्री हर साल नैमिषारण्य आ रहे हैं।तीर्थनगरी में बढ़ रही सुविधाओं और गंगा एक्सप्रेसवे के चलते दो करोड़ तीर्थयात्री बढ़ने की संभावना है।


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