इलाज के इंतजार में थम गई मासूम की सांसें,मनिका अस्पताल में नहीं था कोई डॉक्टर
ग्रामीणों ने बच्चे को सुरक्षित निकाला था कुएं से,समय पर उपचार नहीं मिलने से गई जान
पूर्वांचल सूर्य प्रतिनिधि
लातेहार।मनिका थाना क्षेत्र के मटलौंग पंचायत में स्वास्थ्य व्यवस्था की बड़ी लापरवाही सामने आई है।डॉक्टर की अनुपस्थिति और समय पर इलाज न मिलने से एक 9 वर्षीय मासूम की जान चली गई।घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों में भारी आक्रोश है।
जानकारी के अनुसार मटलौंग पंचायत निवासी सागर कुमार का पुत्र अमन कुमार लगभग 9 वर्ष सोमवार को घर के पास खेल रहा था। इसी दौरान अचानक वह पास स्थित कुएं में जा गिरा।कुएं में गिरते ही आसपास अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर काफी मशक्कत के बाद बच्चे को कुएं से बाहर निकाला। उस समय बच्चा गंभीर हालत में था और उसकी सांसें चल रही थीं।आनन-फानन में बच्चे को इलाज के लिए मनिका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, लेकिन वहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था।अस्पताल में सिर्फ सीएचओ,ड्रेसर और नर्स मौजूद थे।प्राथमिक उपचार के नाम पर औपचारिकता निभाते हुए बच्चे को तुरंत लातेहार सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।
परिजनों का आरोप है कि यदि मनिका अस्पताल में डॉक्टर मौजूद रहते और समय पर उचित इलाज मिलता, तो अमन की जान बच सकती थी,लेकिन स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर नहीं रहने की वजह से कीमती समय बर्बाद हो गया। लातेहार सदर अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में अमन कुमार की मौत हो गई।
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने का दावा करती है, लेकिन जमीनी हकीकत पूरी तरह अलग है। अस्पतालों में डॉक्टरों की अनुपस्थिति आम बात हो गई है, जिसका खामियाजा गरीब ग्रामीणों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने तथा मनिका स्वास्थ्य केंद्र में नियमित डॉक्टर की तैनाती सुनिश्चित करने की मांग की है।