गजब:क़ातिल पत्नियां मेरठ जेल में सुन रहीं हैं ये गाने,कैदी आशिक‌ भी कर रहे फरमाइशें

गजब:क़ातिल पत्नियां मेरठ जेल में सुन रहीं हैं ये गाने,कैदी आशिक‌ भी कर रहे फरमाइशें

17 Aug 2026 |  19

 



मेरठ।उत्तर प्रदेश के मेरठ में चौधरी चरण सिंह जिला जेल में बंद कैदी आजकल मई 2026 में शुरू हुए इंटरनल रेडियो स्टेशन रेडियो परवाज के जरिए अपनी पसंद के प्यार भरे नगमे सुन रहे हैं।इंडिया विजन फाउंडेशन के सहयोग से स्थापित इस मॉडर्न रेडियो स्टेशन पर बंदी बैरक सिपाहियों के माध्यम से एक दिन पहले पर्ची देकर पसंदीदा गीतों की फरमाइश करते हैं।सुबह और शाम दो-दो घंटे चलने वाले इस प्रसारण में 70, 80 और 90 के दशक के गानों की सबसे ज्यादा मांग आ रही है।जेल नियमावली के कारण एक-दूसरे से न मिल पाने वाले बंदी संगीत के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहे हैं।



जेल में प्यार और दर्द से भरे गीतों की सबसे ज्यादा मांग



चौधरी चरण सिंह जिला कारागार में बंद गंभीर अपराधों की आरोपी महिलाएं और अन्य बंदी रेडियो परवाज पर पुराने गानों की भारी डिमांड कर रहे हैं।जेल प्रशासन के मुताबिक कैदी मेरे महबूब कयामत होगी,हम तेरे प्यार में सारा आलम खो बैठे,शीशा हो या दिल हो आखिर टूट जाता है,बेखुदी में सनम और अंखियों के झरोखे से जैसे गानों की फरमाइश सबसे ज्यादा भेज रहे हैं।



हाईटेक सुविधाओं से लैस है मेरठ जेल का रेडियो परवाज



डॉक्टर किरण बेदी के इंडिया विजन फाउंडेशन द्वारा तैयार यह रेडियो स्टेशन काफी मॉडर्न है,इसके इंटीरियर में गायकों और अभिनेताओं के पोस्टर लगे हैं।कंप्यूटर,मिक्सर,सारेगामा कारवां और हाईटेक स्पीकर्स की व्यवस्था है।यदि कारवां पर कोई गाना उपलब्ध न हो,तो इंटरनेट या यूट्यूब से बजाया जाता है।खास बात यह है कि आरजे की जिम्मेदारी भी एक बंदी ही संभाल रहा है।



गाना गाने की आजादी और फरमाइश का तरीका



जेल में बंदी बैरक में लगे स्पीकर्स के जरिए गाना सुनते हैं। फरमाइश के समय सिर्फ बैरक नंबर बताया जाता है,इसके अलावा जो बंदी गाना गा सकते हैं,उन्हें माइक पर आकर अपनी आवाज में गाने की सुविधा भी दी गई है।



डिप्रेशन और लड़ाई-झगड़ा कम करने में मददगार साबित हो रहा संगीत



मेरठ जेल के वरिष्ठ अधीक्षक वीरेश राज शर्मा के मुताबिक जेल में बंद 67 प्रतिशत लोग 30 साल से कम उम्र के हैं। रेडियो शुरू होने से बंदियों का डिप्रेशन और आपस में लड़ाई-झगड़ा काफी कम हुआ है।नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती विचलित बंदी भी संगीत सुनकर समय बिता रहे हैं।



जेल में मुस्कान-साहिल भी हैं बंद 



बता दें कि मेरठ जेल में पति को मारकर नीले ड्रम में भरने वाली मुस्कान और उसका प्रेमी साहिल भी बंद है।अपने पति को मारकर सांप डसने का ड्रामा रचने वाली रविता और उसका प्रेमी अमरदीप भी इसी जेल में बंद हैं।प्रेमी के साथ मिलकर अपने बच्चे की हत्या करने वाली गुरप्रीत,पति को सांप से डसवाकर मारने वाली दामिनी और उसका प्रेमी भी इसी जेल में बंद हैं।पांच महिलाएं फिलहाल ऐसी हैं,जिन्होंने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पतियों की हत्या कराई या की है।



जेल नियमावली के मुताबिक यह लोग एक दूसरे से मिल नहीं सकते हैं...



जेल नियमावली के मुताबिक यह लोग एक दूसरे से मिल नहीं सकते हैं,लेकिन आजकल अपनी फरमाइश के गीतों के जरिए एक दूसरे तक अपनी भावनाओं को पहुंच रहे हैं।जेल प्रशासन का कहना है कि सभी बंदियों की भावनाओं का ख्याल रखा जाता है और जो भी अपना मनपसंद गीत सुनना चाहता है वह गीत रेडियो स्टेशन से बजाया जाता है।


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