चतरा जिले में अवैध अल्ट्रासाउंड और नर्सिंग होम पर प्रशासन का कसा शिकंजा
एसडीएम जहूर आलम एक्शन में,प्रतापपुर में सील हुईं अवैध अल्ट्रासाउंड व नर्सिंग होम
पूर्वांचल सूर्य प्रतिनिधि,चतरा।जिले में अवैध अल्ट्रासाउंड और नर्सिंग होम संचालित किए जाने की खबरें समाचार पत्रों में प्रकाशित होने के बाद अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड और नर्सिंग होम विरुद्ध चतरा के अनुमंडल पदाधिकारी जहूर आलम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।इसके बाद जिले में लगातार करवाई शुरू हो गई है।इसी कड़ी में प्रतापपुर प्रखंड की स्थानीय टास्क फोर्स हरकत में आई और प्रतापपुर प्रखंड मुख्यालय में अवैध रूप से संचालित अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड और नर्सिंग होम पर छापेमारी की गई और अवैध रूप से संचालित इन स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े अवैध संस्थाओं को सील कर दिया गया।
अवैध रूप से संचालित मां लक्ष्मी अल्ट्रासाउंड सील
थाना और प्रतापपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से सटे अवैध रूप से संचालित मां लक्ष्मी अल्ट्रासाउंड को प्रशासन द्वारा सील कर दिया गया।इन संस्थाओं द्वारा प्राथमिक जांच में आवश्यक वैधानिक दस्तावेजों को प्रस्तुत नहीं किया गया और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि हुई,जिसके बाद यह सख्त कदम उठाया गया। बता दें कि चतरा जिले में लड़कियों के लिंगानुपात में काफी कमी है,जो चिन्ता का विषय है।क्योंकि जिले में अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटर अवैध रूप से भ्रूण परीक्षण के कार्य को कहीं न कहीं बढ़ावा दे रहे हैं।
अनन्या नर्सिंग होम पर भी गिरी गाज
छापेमारी के दौरान अनन्या नर्सिंग होम में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।आरोप है कि यहां झोलाछाप डॉक्टर उपेंद्र कुमार द्वारा कुंदा प्रखंड के मांझीपाड़ा की एक महिला का छोटा ऑपरेशन कर प्रसव कराया गया। महिला की स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शिफ्ट कराया गया।इसके बाद नर्सिंग होम के विरुद्ध सीलिंग और विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। छापेमारी के दौरान नर्सिंग होम में मौजूद दो युवतियों ने बताया कि वे पिछले तीन महीनों से नर्सिंग का प्रशिक्षण ले रही हैं और मरीजों की देखरेख भी करती हैं। बता दें कि यह खुलासा अपने आप में गंभीर सवाल खड़े करता है कि क्या प्रशिक्षण के नाम पर अन्य नर्सिंग होम में आम लोगों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा था।
कड़े नियम,सख्त कानून प्रशासन का स्पष्ट संदेश
अनुमंडल पदाधिकारी जहूर आलम ने स्पष्ट संकेत दिया है कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में अवैध गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।अब भी कई सवाल बाकी है।प्रतापपुर प्रखंड में कई नर्सिंग होम और अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालित हैं। इसके बावजूद अब तक व्यापक स्तर पर कार्रवाई न होना कई सवालों को जन्म देता है।क्या सभी अवैध रूप से संचालित संस्थानों की जांच होगी,क्या इस प्रकार के अवैध स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन पर स्थायी रोक लगेगी, क्या दोषियों पर कठोर दंडात्मक करवाई सुनिश्चित होगी।फिलहाल खबर के असर से शुरू हुई यह कार्रवाई आम जनता के लिए राहत की खबर है। अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि प्रशासन की यह सख्ती जिले में संचालित अवैध अल्ट्रासाउंड और नर्सिंग होम के विरुद्ध आगे भी जारी रहती है या नहीं।