पूर्वांचल सूर्य प्रतिनिधि,चौपारण,हजारीबाग।नशे के कारोबार के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा एक्शन लिया है।गौतम बुद्धा वन्यप्राणी आश्रयणी क्षेत्र के अंतर्गत मुरेनिया जंगल में पुलिस और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में लगभग 10 एकड़ में फैली अवैध अफीम की खेती को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। इस कार्रवाई से अफीम तस्करों के मंसूबों पर प्रशासन ने करारा प्रहार किया है।
जानकारी के अनुसार हजारीबाग पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना के आधार पर चौपारण थाना क्षेत्र के ग्राम मुरेनिया में यह विशेष अभियान चलाया गया।अभियान के दौरान घने जंगल के भीतर बड़े पैमाने पर अफीम की अवैध खेती चिन्हित की गई, जिसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
इस संबंध में चौपारण थाना प्रभारी सरोज सिंह चौधरी ने बताया कि वन विभाग और चौपारण पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा योजनाबद्ध तरीके से अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान अफीम की खेती के साथ-साथ सिंचाई में प्रयुक्त चार डिलीवरी पाइप भी बरामद किए गए, जिन्हें वहीं नष्ट कर दिया गया।
पुलिस के अनुसार अवैध अफीम की खेती में संलिप्त व्यक्तियों के नाम-पते का सत्यापन किया जा रहा है। दोषियों की पहचान होते ही उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल मामले में अग्रतर जांच जारी है।
इस संयुक्त अभियान में बरही डीएसपी अजित कुमार विमल,इंस्पेक्टर चंद्रशेखर कुमार,चौपारण थाना प्रभारी सरोज सिंह चौधरी,एसआई सुनील कुमार सिंह,एएसआई बादल महतो और सशस्त्र बल,वन विभाग की टीम से प्रभारी वनपाल श्रवण कुमार,वनरक्षी कुलदीप कुमार, जयनेन्द्र कुमार और दैनिक कर्मी के लोग शामिल थे।
चौपारण थाना प्रभारी सरोज सिंह चौधरी ने स्पष्ट किया है कि अवैध मादक पदार्थों की खेती और तस्करी के खिलाफ आगे भी इसी तरह के सघन और सख्त अभियान जारी रहेंगे। इस कार्रवाई से यह साफ संदेश गया है कि जंगलों की आड़ में नशे का कारोबार करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।