चेचेंधा का लाल विक्की गढ़ रहा आस्था,बना रहा मां सरस्वती की मूर्ति,मिट्टी में छिपा हुनर किया उजागर

चेचेंधा का लाल विक्की गढ़ रहा आस्था,बना रहा मां सरस्वती की मूर्ति,मिट्टी में छिपा हुनर किया उजागर

15 Jan 2026 |  20

 



पूर्वांचल सूर्य प्रतिनिधि,लातेहार।मनिका प्रखंड के चेचेंधा गांव से एक अच्छी खबर सामने आई है।गांव का 10 वर्षीय विक्की कुमार इन दिनों अपनी अद्भुत कला प्रतिभा को लेकर चर्चा में है।इतनी कम उम्र में विक्की मां सरस्वती की सुंदर और आकर्षक मूर्ति गढ़ रहा है,जिसे देखकर हर कोई आश्चर्यचकित है।



विक्की कुमार मिट्टी और साधारण औजारों की मदद से मां सरस्वती की प्रतिमा को आकार दे रहा है।मूर्ति में मां सरस्वती के चेहरे की भाव-भंगिमा,वीणा,आसन और वस्त्रों की बारीक नक्काशी उसके हुनर को साफ तौर पर दर्शाती है।कला में इतनी समझ और धैर्य आमतौर पर बड़े कलाकारों में देखने को मिलता है, लेकिन विक्की ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती।



स्थानीय लोगों के अनुसार विक्की स्कूल से लौटने के बाद अपना अधिकतर समय मूर्ति बनाने में लगाता है।पढ़ाई के साथ-साथ कला के प्रति उसका यह समर्पण काबिले-तारीफ है। बिना किसी औपचारिक प्रशिक्षण के वह अपने मन और कल्पना से प्रतिमा को आकार देता है।गांव के बुजुर्गों और युवाओं का कहना है कि विक्की में भविष्य का एक बड़ा कलाकार बनने की पूरी क्षमता है।



विक्की का सपना है कि वह आगे चलकर एक प्रसिद्ध मूर्तिकार बने और अपने गांव,माता-पिता और क्षेत्र का नाम रोशन करे।उसके माता-पिता भी बेटे की इस प्रतिभा पर गर्व महसूस कर रहे हैं और हर संभव सहयोग कर रहे हैं।वे चाहते हैं कि विक्की को सही मार्गदर्शन और संसाधन मिले, ताकि उसकी कला और निखर सके।



ग्रामीणों का मानना है कि यदि प्रशासन और कला से जुड़ी संस्थाएं विक्की को प्रोत्साहन और प्रशिक्षण दें तो वह न केवल गांव बल्कि पूरे जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर सकता है।चेचेंधा गांव के लिए विक्की कुमार आज एक उम्मीद और प्रेरणा बन चुका है, जो यह संदेश देता है कि लगन, मेहनत और सच्चे जुनून से कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है।


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