महाकुंभ से चर्चित हुई हर्षा रिछारिया ने किया बड़ा ऐलान,माघ पूर्णिमा से छोड़ेंगी धर्म की राह

महाकुंभ से चर्चित हुई हर्षा रिछारिया ने किया बड़ा ऐलान,माघ पूर्णिमा से छोड़ेंगी धर्म की राह

14 Jan 2026 |  21

 



प्रयागराज।विश्व के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन महाकुंभ में सबसे खूबसूरत साध्वी के रूप में चर्चा में आईं हर्षा रिछारिया ने धर्म की राह छोड़ने का ऐलान कर दिया है।प्रयागराज से ही चर्चित होने वाली हर्षा प्रयागराज में ही माघ पूर्णिमा पर संगम स्नान कर पुरानी ग्लैमरस दुनिया में लौटेंगी।सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हर्षा रिछारिया ने धर्म की राह छोड़ने का ऐलान अपने इंस्टाग्राम पर किया है।



हर्षा रिछारिया ने कहा कि धर्म के रास्ते पर चलने का जो संकल्प मैंने लिया था उसे इस माघ पूर्णिमा पर स्नान के बाद विराम दूंगी।हर्षा ने कहा कि मेरा इस धर्म से जाना,केवल जाना नहीं होगा। बल्कि एक विद्रोही मानसिकता लेकर जाना होगा।



हर्षा रिछारिया ने कहा कि प्रयागराज महाकुंभ 2025 से शुरू हुई ये कहानी अब खत्म हो रही है। इस एक साल में मैने बहुत सारे विरोध का सामना किया। प्रयागराज महाकुंभ से शुरू हुआ विरोध लगा कि अब ठीक होगा,अब ठीक होगा,महाकुंभ के बाद ठीक होगा। हर्षा ने कहा कि धर्म के रास्ते पर चलकर बहुत कुछ ठीक करने कोशिश की।मैं कोई गलत काम नहीं कर रही थी। धर्म के रास्ते पर चलने का विरोध किया गया। मनोबल तोड़ा गया।



हर्षा रिछारिया ने कहा कि लोगों को लगता है कि धर्म की राह पर चलते हुए मैनें करोड़ों रुपये छाप लिए,लेकिन मैं कर्ज में डूब गई हुई हूं। हर्षा ने कहा कि बिना किसी गलती के भी मुझसे बार-बार सवाल किए गए और मेरा विरोध किया गया। मेरे चरित्र को निशाना बनाया गया, मनोबल तोड़ा गया। हर्षा ने कहा, मैं मां सीता नहीं हूं कि अग्नि परीक्षा दूं।किसी महिला का विरोध करना और उसके चरित्र पर हमला करना अक्सर सबसे आसान काम होता है। बता दें कि हर्षा रिछारिया अभी माघ मेले में हैं।रविवार को अपने भाई के साथ संगम में स्नान किया।



हर्षा रिछारिया ने कहा कि सबसे बड़ी बात यह है कि धर्म के रास्ते पर चलने के बाद भी किसी का साथ नहीं मिला है। एक साल में जो कुछ करने की कोशिश की उसे रोका गया। उसमें विरोध पैदा करने की कोशिश की गई है। यही सब कुछ इस बार माघ मेले में भी हो रहा है। इसके कारण बहुत ज्यादा हताश हुई हूं। जबकि मैने ऐसा कुछ नहीं किया,जिसके कारण मेरा विरोध किया जाए। हर्षा ने कहा कि अब विरोध की जरूरत नहीं है,आप अपना धर्म अपने पास रखें,अब बहुत हो गया,अब सहन नहीं करना है।हर्षा ने कहा कि इस माघ पूर्णिमा से धर्म के रास्ते पर चलने के संकल्प को पूर्णतः विराम दूंगी और वापस अपना पुराना काम करूंगी। उसमें न तो कोई विरोध था, न ही चरित्र हनन जैसा काम था और न ही उधारी थी।



धर्म के रास्ते पर चलने की सोच रहे युवाओं को भी हर्षा रिछारिया ने एक सलाह दी है। हर्षा ने कहा कि अगर कोई युवा सोचता है कि हमें धर्म के रास्ते पर चलना है, धर्म से जुड़ना है तो सबसे बड़ा धर्म अपने परिवार से जुड़ कर रहो। अपने परिवार के साथ रहो। अपने घर के मंदिर में पूजा करो। इसके अलावा किसी को मत मानों।


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