काशी में गंगा का रौद्र रूप,डूबे 84 घाट,मणिकर्णिका की छत और हरिश्चंद्र की गलियों में हो रहा शवदाह

काशी में गंगा का रौद्र रूप,डूबे 84 घाट,मणिकर्णिका की छत और हरिश्चंद्र की गलियों में हो रहा शवदाह

21 Aug 2026 |  18

 



वाराणसी।देवाधिदेव महादेव की जटाओं में रहने वाली मां गंगा अब महादेव की काशी में तबाही मचाने के लिए आतुर हैं। काशी में गंगा का रौद्र रूप अब सबको डरा रहा है।सभी 84 घाट पूरी तरह से पानी में डूब गए हैं।महाश्मशान मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट का हाल बेहाल है।फिलहाल हरिश्चंद्र घाट पर गलियों में शवदाह शुरू हो गया है।मणिकर्णिका घाट पर छत पर अंतिम संस्कार किया जा रहा है।



भारी ऑफत के बीच दोनों महाश्मशान घाट पर लोग मोक्ष के लिए लंबे कतार में है।हरिश्चंद्र घाट पर 2 से 3 घंटे तक इंतजार करना पड़ा रहा है,क्योंकि गलियों में शवदाह के लिए जगह काफी कम है और एक चिता जलने में 2 से 3 घंटे तक का समय भी लग रहा है।फिलहाल एक बार में 3 चिताएं ही गलियों में जल पा रही हैं।



डोमराजा परिवार से जुड़े विक्रम चौधरी ने बताया कि घाट डूब जानें के कारण अब गलियों में शवदाह किया जा रहा है,इन गलियों में उनके परिवार के लोग भी रहते है,जिसके कारण न सिर्फ शवदाह बल्कि उन्हें रहने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि जब तक बाढ़ से हालात सामान्य नहीं हो जातें तब तक उन्हें और उनके परिवारों को ये तकलीफ भी झेलना पड़ेगा।



आम दिनों में जब हालात सामान्य होते थे तो 2 से 3 घंटे में अंतिम संस्कार की प्रकिया पूरी हो जाती थी,लेकिन अब लगभग 5 से 6 घंटे तक का समय लग रहा है।लकड़ियां भी गीली मिल रही है,जिससे थोड़ा और दिक्कतें भी हो रही हैं, इसके अलावा गलियों में शवदाह होने से लोगों को की कमी के कारण लोगों के पास बैठने की जगह भी नहीं है,कुछ ऐसा ही हाल मणिकर्णिका घाट का भी है।



बता दें कि बीते शाम से गंगा का जलस्तर फिर से बढ़ने लगा है।केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक वाराणसी में शुक्रवार की सुबह 10 बजे गंगा का जलस्तर 68.78 मीटर दर्ज किया गया है।फिलहाल 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी जारी है।इसी रफ्तार से गंगा का जलस्तर बढ़ता रहा तो जल्द ही वाराणसी में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच जाएगा।वाराणसी में गंगा का चेतवानी बिंदु 70.26 मीटर है.वहीं खतरें का निशान 71.26 मीटर है।


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