पूर्वांचल सूर्य प्रतिनिधि
रजरप्पा।कोयलांचल के सरस्वती विद्या मंदिर रजरप्पा प्रोजेक्ट में रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन हर्षोल्लास और उत्साह के साथ किया गया।विद्यालय के वाटिका खंड के भैया-बहनों के बीच रक्षाबंधन कार्यक्रम आयोजित हुआ।नन्हें-भैया-बहनों ने एक-दूसरे की कलाई पर आकर्षक राखियां बांधकर भाई-बहन के पवित्र प्रेम,स्नेह और आपसी विश्वास का संदेश दिया।
बालिका व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम के अंतर्गत कन्या भारती द्वारा विभिन्न कक्षाओं की बहनों के बीच मेहंदी लगाओ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।प्रतियोगिता में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए हाथों में सुंदर और आकर्षक मेहंदी की डिजाइन बनाकर अपनी रचनात्मकता,कलात्मक प्रतिभा और कौशल का प्रदर्शन किया।छात्राओं ने विभिन्न मनमोहक डिजाइनों के माध्यम से अपनी सृजनात्मक क्षमता का परिचय दिया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य उमेश प्रसाद ने कहा कि रक्षाबंधन भारतीय संस्कृति में भाई-बहन के पवित्र प्रेम,स्नेह और आपसी विश्वास का प्रतीक है। प्रसाद ने कहा कि बालिकाओं के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास के लिए इस प्रकार की रचनात्मक गतिविधियां अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।मेहंदी जैसी प्रतियोगिताओं से छात्राओं में सृजनात्मकता,आत्मविश्वास, धैर्य और अपनी प्रतिभा को अभिव्यक्त करने की क्षमता विकसित होती है। प्रसाद ने छात्राओं को भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों से जुड़े रहते हुए अपनी प्रतिभा को निरंतर निखारने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. गायत्री कुमारी,रिंकी कुमारी, उषा कुमारी,ममता कुमारी,नीलम कुमारी,पूनम सिंह,ललिता गिरी,ज्योति कुमारी और मुस्कान कुमारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।