भोले बाबा के सत्संग में उजड़े कई परिवार:5 स्टार होटल जितना आलीशान आश्रम लग्जरी गाड़िया, 100 करोड़ की संपत्ति,आखिर बाबा कैसे बना धनकुबेर

भोले बाबा के सत्संग में उजड़े कई परिवार:5 स्टार होटल जितना आलीशान आश्रम लग्जरी गाड़िया, 100 करोड़ की संपत्ति,आखिर बाबा कैसे बना धनकुबेर

05 Jul 2024 |  46

 

लखनऊ।उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सिंकदराराऊ थाना क्षेत्र के फुलर‌ई गांव में सत्संग में हुई भगदड़ से कई घर उजड़ गए हैं।इस हादसे से पूरा देश सिहर उठा है।हादसे का मंजर देख हर किसी के रोंगटे खड़े हो गए।लोग अपने घर के सदस्यों को खोजने के लिए लाशों के ढेर में कफन उठाकर चेहरे देख रहे थे।हादसे ने लोगों को ऐसा जख्म दिया है जो जिंदगीभर भुला नहीं पाएंगे।जिस भोले बाबा का सत्संग लोगों के लिए मौत का मैदान बन गया अब देशभर में उसी भोले‌ बाबा की चर्चा हो रही है। हादसे के बाद भोले‌ बाबा से जुड़े खुलासे हो रहे हैं,जिनके बारे में सुनकर हर कोई दंग है।भोले बाबा के आध्यात्मिक संसार से कहीं ज्यादा गहरा उसका रहस्यमयी आर्थिक साम्राज्य है।

 

कई जिलों में भोले बाबा का आश्रम,इतनी संपत्ति के मालिक

 

भोले बाबा के पांच जिलों में भव्य आश्रम है और इनके ट्रस्ट के नाम पर करोड़ों की जमीन भी है।कासगंज,मैनपुरी,आगरा,कानपुर और ग्वालियर में बड़े आश्रम हैं। भोले बाबा की चल अचल संपत्ति 100 करोड़ से अधिक की आंकी जा रही है।मैनपुरी के बिछवां आश्रम की जमीन की कीमत ही चार करोड़ के आसपास है। सूत्रों के मुताबिक विनोद नाम के सेवादार ने इतनी कीमती जमीन भोले बाबा के ट्रस्ट को दान में दे दी।अब राजस्व विभाग इस जमीन की जांच कर रहा है।आश्रम के सामने लगभग 50 बीघे जमीन को भी बाबा भोले ने लीज पर ले रखी है।

 

करोड़ों में बना भोले बाबा का आलीशान आश्रम

 

बिछवां की इस जमीन पर 8 साल पहले करोड़ों की लागत से किलेनुमा एक भव्य आश्रम खड़ा किया गया है।इस आश्रम में दर्जनों लग्जरी गाड़ियां खड़ी है और यही बीते डेढ़ साल से भोले बाबा अपने आलीशान कमरे में रहते हैं।ये आलीशान इमारत आश्रम के सबसे भीतरी परिसर में है।जहां तक जाने के लिए सेवादारों के कक्ष से गुजरना पड़ता है।इसी तरह बहादुर नगर का आश्रम लगभग चालीस बीघे में फैला हुआ है और कई धर्मशालाएं भी बनाई गई हैं।सालभर पहले भोले‌ बाबा ट्रस्ट के नाम पर जमीन खरीदने यहां गए थे।भोले बाबा इस आश्रम में बीते 12 साल से नहीं गए हैं।

 

भोले बाबा के भक्तों के नाम पर खरीदी गई दर्जनों गाड़ियां

 

आश्रम में एक आलीशान इमारत बनी है।उसके गेट पर ताला जड़ा है और चार गार्ड इसकी सुरक्षा में तैनात हैं।कई साल से यहां ताला लगा है,कोई भी अंदर नहीं जा सकता है।भोले बाबा  का आर्थिक सामराज्य उसके आध्यात्मिक संसार से कहीं ज्यादा रहस्यमयी और आलीशान है।इसके अलावा नारायण साकार हरि चैरिटेबल ट्रस्ट के नाम पर सैकड़ों बीघा जमीन खरीदने की बात सामने आई है।ये भी पता चला है कि भोले बाबा के भक्तों के नाम पर लगभग दर्जनों लग्जरी गाड़ियां भी खरीदी गई है।

 

 भोले बाबा के पास कहां से आई इतनी संपत्ति

 

लगभग 40 बीघे में फैले नारायण साकार हरि धाम बहादुर नगर में पहुंचने पर एक बोर्ड लगा है कि यहां कि वीडियोग्राफी  मना है।साथ ही ये भी लिखा है कि नारायण साकार हरि धाम किसी प्रकार का धन,दौलत,चंदा चढ़ावा नहीं लेता है,लेकिन खाने के और ये दिखाने के दांत है। लगभग चालीस बीघे में फैले इस आलीशान आश्रम के हर एक दीवार पर चंदा देने वालों के नाम लिखे मिलेंगे।भोले बाबा ने 2007 से भक्तों से 100 बोरी सीमेंट से लेकर ईंटा, गाड़ियां और आश्रम बनवाने के लिए नगद पैसा चंदे के तौर पर लेना शुरु किया और आज सौ करोड़ रुपए से ज्यादा के संपत्ति का मालिक बन बैठा है।

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