जल संरक्षण केवल पर्यावरण नहीं,शिक्षा और स्वास्थ्य का भी प्रश्न:हृदयानंद मिश्र

जल संरक्षण केवल पर्यावरण नहीं,शिक्षा और स्वास्थ्य का भी प्रश्न:हृदयानंद मिश्र

27 May 2026 |  20

 



पूर्वांचल सूर्य संवाददाता



मेदिनीनगर/पलामू।झारखंड कांग्रेस के समन्वय समिति के सदस्य एडवोकेट हृदयानंद मिश्र ने पलामू प्रमंडल की आयुक्त कुमुद सहाय को ज्ञापन सौंपकर पलामू प्रमंडल में जल संरक्षण और रेन वाटर हार्वेस्टिंग को प्रभावी रूप से लागू कराने की मांग की।



ज्ञापन में कहा गया कि पलामू प्रमंडल के विभिन्न जिलों में लगातार गिरते भूजल स्तर के कारण ग्रीष्मकाल में पेयजल संकट गंभीर होता जा रहा है। इसका प्रतिकूल प्रभाव केवल आम जनजीवन पर ही नहीं,बल्कि शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी पड़ रहा है।कई विद्यालयों में पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं रहने से छात्र-छात्राओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।वहीं जल संकट के कारण स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ती जा रही हैं।



हृदयानंद मिश्र ने कहा कि जल संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है।यदि अभी ठोस पहल नहीं की गई तो आने वाले समय में स्थिति और भयावह हो सकती है। उन्होंने मांग की कि सभी नगर निगम,नगर परिषद,नगर पंचायत और प्रखंड स्तर पर वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) को अनिवार्य रूप से लागू कराया जाए तथा सरकारी भवनों, विद्यालयों, अस्पतालों एवं सार्वजनिक संस्थानों में इसकी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।



हृदयानंद मिश्र ने बताया कि पलामू प्रमंडल की आयुक्त कुमुद सहाय ने ज्ञापन पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया और कहा कि जल संरक्षण की दिशा में प्रशासन गंभीरतापूर्वक आवश्यक कदम  उठाएगी।



हृदयानंद मिश्र ने पुराने तालाबों,कुओं एवं पारंपरिक जलस्रोतों के पुनर्जीवन, जल संरक्षण पर जनजागरूकता अभियान चलाने तथा नए भवन निर्माण में वाटर कंजर्वेशन मानकों को सख्ती से लागू करने की भी मांग की।


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