सीएम सोरेन पहुंचे अपने पैतृक गांव नेमरा,संथाल समाज के पारंपरिक कुठ कटी रीति के नाइके चयन प्रक्रिया में हुए शामिल
हेमंत सोरेन की मौजूदगी में नेमरा में नाइके चयन,चेतन टुडू बने नाइके बाबा
चयन प्रक्रिया में अंत तक शामिल रहे सीएम,जनसमस्याओं पर दिए त्वरित निर्देश
पूर्वांचल सूर्य संवाददाता,गोला,रामगढ़। गोला प्रखंड अंतर्गत नेमरा गांव में संथाल समाज के पारंपरिक कुठ कटी रीति से नाइके चयन की प्रक्रिया मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आगमन के बाद प्रारंभ हुई। सीएम सोरेन दोपहर 1:30 बजे हेलीकॉप्टर से नेमरा स्थित स्थायी हेलीपैड पहुंचे,जहां पुलिस प्रशासन ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया।इसके बाद सीएम अपने पैतृक आवास पहुंचे,परिजनों से मुलाकात की और लगभग 2 बजे आमसभा स्थल पहुंचकर चयन प्रक्रिया में प्रारंभ से अंत तक सक्रिय रूप से शामिल रहे।
सोहन सोरेन के त्यागपत्र के बाद आयोजित आमसभा में सर्वसम्मति से चेतन टुडू को नाइके बाबा चुना गया। पारंपरिक हथियार और पगड़ी पहनाकर उनका अभिनंदन किया गया और विधिवत कार्यभार सौंपा गया।उन्हें ग्राम देवताओं की पूजा-अर्चना और पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों के संचालन की जिम्मेदारी प्रदान की गई।
पूर्व से कार्यरत पारंपरिक पदाधिकारियों में मांझी बाबा हेतंत सोरेन,प्राणिक बाबा बिरजू सोरेन,भादो राम बाबा सुखदेव किस्कू,कुड़म नाइके छुट्टू बेसरा और जोग मांझी विश्वनाथ बेसरा शामिल रहे।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था,प्रशासन पूरी तरह सतर्क
सीएम हेमंत सोरेन के आगमन को लेकर गांव और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए।कार्यक्रम स्थल से लेकर हेलीपैड तक सुरक्षा का कड़ा घेरा बनाया गया।डीडीसी आशीष अग्रवाल,डीएसपी मुख्यालय चंदन वत्स,इंस्पेक्टर पंकज कुमार,बीडीओ सुधा वर्मा,सीओ सीताराम महतो, बरलंगा थाना प्रभारी अशोक कुमार सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर कैंप कर व्यवस्था की निगरानी करते रहे।
जनसमस्याओं पर गंभीरता से हुई सुनवाई
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं सीधे सीएम हेमंत सोरेन के समक्ष रखीं।धान अधिप्राप्ति केंद्र खोलने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।ग्रामीणों ने क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और चिकित्सा सुविधा सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर जोर दिया।ओराडीह क्षेत्र की महिलाओं ने पेयजल संकट और बुनियादी सुविधाओं की समस्या से अवगत कराया।महिला समिति की सदस्यों ने भी विकास संबंधी आवेदन प्रस्तुत किए। सीएम सोरेन ने सभी आवेदनों को संबंधित अधिकारियों को अग्रसारित करते हुए शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बीमार चाचा से मुलाकात,सिविल सर्जन को दिए स्पष्ट निर्देश
सीएम हेमंत सोरेन ने अपने चाचा श्रीकांत सोरेन से भी मुलाकात की,जो पिछले पांच वर्षों से लकवा से पीड़ित हैं। उनकी स्थिति की जानकारी लेने के बाद सीएम सोरेन ने सिविल सर्जन नवल कुमार को स्पष्ट निर्देश दिया कि इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए,समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए तथा नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
परंपरा और शासन का सशक्त संगम
संथाल समाज में नाइके का पद धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।ग्राम देवताओं की पूजा, फसल और वर्षा से जुड़े अनुष्ठानों का संचालन और सामाजिक-सांस्कृतिक आयोजनों का नेतृत्व नाइके द्वारा किया जाता है। सीएम हेमंत सोरेन की उपस्थिति में पारंपरिक रीति-रिवाजों का पूर्ण सम्मान और पालन किया गया,जिससे ग्रामीणों में उत्साह और गौरव का वातावरण बना रहा।
कार्यक्रम के दौरान कुछ समय के लिए बीएसएनएल का सिग्नल बाधित होने से इंटरनेट सेवा प्रभावित रही,जिससे लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा।नेमरा में पारंपरिक व्यवस्था और प्रशासनिक सजगता का यह संतुलित समन्वय एक उल्लेखनीय उदाहरण के रूप में सामने आया,जहां सीएम सोरेन ने अपनी मातृभूमि की परंपराओं में सहभागी बनकर सामाजिक जुड़ाव और संवेदनशील नेतृत्व का संदेश दिया।
इस मौके पर मुखिया जीतलाल टुडू,पूर्व मुखिया अनुज कुमार, कपिल महतो,हरण सिंह मुंडा,आलम अंसारी,बरतू करमाली,सुनील करमाली,फखरुद्दीन अंसारी,सतीश मुर्मू मुखिया सूतरी पंचायत,गोला थाना प्रभारी अभिषेक कुमार सहित अन्य उपस्थित थे।