पूर्वांचल सूर्य प्रतिनिधि,गिरिडीह।साइबर अपराध के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत गिरिडीह पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना के आधार पर गांडेय थाना क्षेत्र अंतर्गत कछेल ग्राम के तेलखरी जंगल के आसपास सक्रिय साइबर अपराधियों के खिलाफ छापेमारी की गई।
गिरफ्तार आरोपियों में खुर्शीद अंसारी (25 वर्ष, निवासी धरलेट्टो, थाना गांडेय, जिला गिरिडीह), आलमगीर अंसारी (25 वर्ष, निवासी चेतनारी, थाना पथरोल, जिला देवघर) एवं मो. सराफत अंसारी (25 वर्ष, निवासी पिंडरी, थाना सारठ, जिला देवघर) शामिल हैं।पुलिस ने आरोपियों के पास से 8 मोबाइल फोन, 10 सिम कार्ड, 2 मोटरसाइकिल, 2 एटीएम कार्ड, 1 आधार कार्ड, 1 पैन कार्ड तथा 1 ड्राइविंग लाइसेंस बरामद किया।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे गूगल पर फर्जी मोबाइल नंबर डालकर स्वयं को फोनपे, पेटीएम, डेबिट कार्ड कस्टमर केयर, सैमसंग सर्विस, एसी सर्विस तथा गीजर इंस्टॉलेशन सर्विस के अधिकारी के रूप में प्रदर्शित करते थे। जब लोग इन नंबरों पर कॉल करते थे तो आरोपी उन्हें अपने झांसे में लेकर साइबर ठगी को अंजाम देते थे। इसके अलावा वे एचडीएफसी समेत अन्य बैंकों के अधिकारी बनकर पासबुक अपडेट एवं एटीएम कार्ड भेजने के नाम पर लोगों को कॉल करते थे।
आरोपी विभिन्न बैंकों व वॉलेट के फर्जी एपीके फाइल का लिंक भेजकर लोगों के मोबाइल को अपने नियंत्रण में ले लेते थे और खातों से रकम उड़ा लेते थे। साथ ही फर्जी एटीएम व सिम कार्ड भी उपलब्ध कराते थे।
पुलिस जांच में सामने आया कि मो सराफत अंसारी वर्ष 2021 में छत्तीसगढ़ राज्य के बिलासपुर जिले के सरकंडा थाना से साइबर ठगी के मामले में जेल जा चुका है। इसके अलावा उत्तराखंड के रुद्रपुर थाना में उसके खिलाफ ऑनलाइन शिकायत संख्या 33512250023170 भी दर्ज है।
मोहम्मद सराफत अंसारी द्वारा अब तक साइबर ठगी से लगभग 60 लाख रुपये अर्जित करने की बात सामने आई है तथा उसके पास एक महिंद्रा एक्सयूवी 300 चार पहिया वाहन भी है। वहीं आलमगीर अंसारी द्वारा पिछले पांच वर्षों में करीब 25 लाख रुपये साइबर ठगी से अर्जित किए जाने का खुलासा हुआ है।