पूर्वांचल सूर्य प्रतिनिधि,गिरिडीह।समाहरणालय सभागार में उपायुक्त रामनिवास यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला स्तरीय जन्म-मृत्यु निबंधन बैठक सह प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया।उपायुक्त ने कहा कि जन्म-मृत्यु निबंधन राष्ट्रीय महत्व का विषय है और इसका समय पर पंजीकरण अनिवार्य है। ये आंकड़े सरकार द्वारा नीति निर्माण में उपयोग किए जाते हैं। वर्तमान में निबंधन ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से होता है। जन्म या मृत्यु की घटना के 21 दिनों के अंदर निबंधन निःशुल्क, 21-30 दिनों में 1 रुपये विलंब शुल्क के साथ तथा 30 दिन से एक वर्ष तक जिला सांख्यिकी पदाधिकारी के आदेश पर किया जाता है।
झारखंड जनगणना कार्य निदेशालय से आए मास्टर ट्रेनर्स डॉ. सत्येंद्र कुमार गुप्ता और दिलीप कुमार ने जन्म-मृत्यु निबंधन अधिनियम 1969 एवं संशोधित अधिनियम 2023 के प्रावधानों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया।अस्पतालों में जन्म होने पर डिस्चार्ज से पूर्व माता को जन्म प्रमाण-पत्र देना अनिवार्य बताया गया।
उपायुक्त रामनिवास यादव ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों, नगर निकायों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि क्षेत्र में शत-प्रतिशत समयबद्ध निबंधन सुनिश्चित करें, निजी अस्पतालों को सीआरसी पोर्टल से जोड़ें तथा फर्जी प्रमाण-पत्र जारी होने से रोकें। प्रखंड स्तर पर मासिक समीक्षा एवं निरीक्षण अनिवार्य किया गया।
प्रशिक्षण में उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, चिकित्सा अधिकारी, प्रखंड सांख्यिकी पर्यवेक्षक सहित अन्य अधिकारियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों की समस्याओं का समाधान भी किया गया।