प्रयागराज।गंगा की धरा पर विश्व प्रसिद्ध माघ मेले का शुभारंभ 3 जनवरी से हो चुका है।माघ मेला 44 दिनों तक चलेगा। 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के अंतिम स्नान के साथ इसका समापन होगा।माघ मेले में जहां लाखों श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं,तो वहीं माघ मेले में शामिल होने के लिए देश के कोने कोने से साधु संत पहुंच रहे हैं।संतों के शिविरों में कठिन साधना के विभिन्न रूप भी देखने को मिल रहे हैं।इनमें से कुछ संत ऐसे भी हैं जो अपनी खास वेशभूषा और साधना के अनूठे अंदाज से लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।
इन्ही में से एक हैं सोनभद्र के मारकुंडी के हठयोगी अमरजीत योगी।अमरजीत योगी ने अपनी जटाओं में जौ उगा रखा है। लोग इन्हें अनाज बाबा के नाम से भी जानते हैं। अमरजीत योगी इसके जरिए लोगों को पर्यावरण संरक्षण और जैविक खेती का भी संदेश दे रहे हैं।
हठयोगी अमरजीत के सिर में उगी जौ को देखने के लिए श्रद्धालु दूर-दूर से आ रहे हैं।जौ उगाने वाले हठयोगी अमरजीत की साधना को देखकर श्रद्धालु तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं,कई श्रद्धालु उनकी जटाओं में जौ की चर्चा करते हैं तो वहीं कई श्रद्धालु उनके लिए खाने-पीने का इंतजाम करते हैं।इन सबसे बेखबर अमरजीत योगी अपनी साधना में लीन रहते हैं। हठयोगी अमरजीत 15 साल का संकल्प लिया है।इस बार 9वें वर्ष अमरजीत योगी ने अपनी जटाओं में जौ उगाई है। अमरजीत योगी ने इस बार जटाओं में जौ,चना,उड़द और मूंग के भी बीज रोपे हैं।
हठयोगी अमरजीत कहते हैं कि लोग अपने आश्रमों और शिविरों के बाहर जौ उगाते हैं और जब उनका कल्पवास पूरा होता है तो उसे भगवान को अर्पित कर चले जाते हैं,लेकिन उनका संकल्प है कि उनकी जटाओं में उगाया गया यह जौ इसी तरह रहेगा,जब तक कि फसल पक नहीं जाएगी वो अपनी जटाओं में उगाए गए जौ को संभालने के लिए लगातार पानी डालते रहते हैं।
हठयोगी अमरजीत का कहना है कि इस बार उनके सिर में जौ काफी बड़ी हो गई है और यह फसल पकने तक इसी तरह से रहेगी।माघ मेले में आने वाले श्रद्धालु अमरजीत योगी को अनाज वाले बाबा के नाम से भी पुकारने लगे हैं।श्रद्धालुओं के लिए भी जौ वाले हठयोगी अमरजीत आश्चर्य और कौतूहल का विषय बने हुए हैं।