यूपी में स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप,17 सरकारी डॉक्टरों को बर्खास्त करने का आदेश,जानें वजह

यूपी में स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप,17 सरकारी डॉक्टरों को बर्खास्त करने का आदेश,जानें वजह

12 Jan 2026 |  24

 



लखनऊ।उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने स्वास्थ्य विभाग को लेकर एक बेहद सख्त कदम उठाया है।डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देश पर 17 सरकारी डॉक्टरों को सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी किया गया है।लंबे समय से ड्यूटी से नदारद रहने और अनुशासनहीनता के चलते ये कड़ी कार्रवाई हुई है। डिप्टी सीएम की इस कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।



जानें क्यों हुई बर्खास्तगी की कार्रवाई



डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के ऑफिस से जारी बयान के मुताबिक बर्खास्त किए जा रहे ये सभी 17 डॉक्टर लंबे समय से बिना किसी सूचना के अपनी ड्यूटी से गायब थे।स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कई बार इन डॉक्टरों से संपर्क करने का प्रयास किया और उन्हें ड्यूटी पर लौटने का मौका दिया,लेकिन उनकी तरफ से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।डिप्टी सीएम ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी,जो डॉक्टर अपनी जिम्मेदारी नहीं समझेंगे,उन्हें सेवा में रहने का कोई अधिकार नहीं है।



इन जिलों के डॉक्टरों पर गिरी गाज



बर्खास्तगी का सामना करने वाले ये डॉक्टर यूपी के विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में तैनात थे।इनमें मुख्य रूप से वाराणसी, प्रयागराज,कानपुर देहात,बरेली,औरैया,सहारनपुर,अलीगढ़, झांसी,बाराबंकी और सुल्तानपुर जैसे जिले शामिल हैं।



मरीजों से बदसलूकी और लापरवाही पर भी कड़ा रुख



डाॅक्टरों की अनुपस्थिति ही नहीं बल्कि मरीजों के साथ गलत व्यवहार करने वाले डॉक्टरों पर भी डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का हंटर चला है।लखनऊ,महाराजगंज और मथुरा (फरह CHC के मेडिकल सुप्रीमो सहित) के 4 डॉक्टरों के खिलाफ विभागीय जांच के बाद कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। राजधानी लखनऊ के एक ट्रॉमा सेंटर में तैनात 4 डॉक्टरों से लापरवाही के मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है,वहीं गोरखपुर,फिरोजाबाद और बलिया के 3 डॉक्टरों को कड़ी चेतावनी जारी की गई है।मेरठ,अंबेडकरनगर,बदायूं,बलिया और मऊ के कई डॉक्टरों की वार्षिक वेतन वृद्धि रोक दी गई है।ये मरीजों की देखभाल में लापरवाह पाए गए।



वीआईपी कल्चर और नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों पर कार्रवाई 



एक दिलचस्प मामला स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी का सामने आया है।यहां एक महिला स्त्री रोग विशेषज्ञ प्रतिनियुक्ति के नियमों का उल्लंघन कर पिछले 9 साल से जमी हुई थीं।इनकी अवैध प्रतिनियुक्ति को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है। इसके अलावा ट्रांसफर होने के बाद नई पोस्टिंग पर ज्वाइन न करने वाले एक सीनियर सर्जन के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है।



रिटायर्ड डॉक्टरों की पेंशन में कटौती



डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का हंटर सिर्फ वर्तमान सेवा दे रहे डॉक्टरों पर ही नहीं चला है,बल्कि सेवानिवृत्त हो चुके अधिकारियों पर भी चला है।गोरखपुर में तैनाती के दौरान दवा खरीद नियमों का उल्लंघन करने के दोषी पाए गए दो रिटायर्ड सीनियर मेडिकल अफसरों की पेंशन में 10 प्रतिशत की कटौती करने का आदेश दिया गया है।


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