झारखंड के अमर सपूत बख्तर साॅय और मुंडल सिंह की शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित 

झारखंड के अमर सपूत बख्तर साॅय और मुंडल सिंह की शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित 

06 Apr 2026 |  9

 



पूर्वांचल सूर्य संवाददाता 



रांची/रायडीह/गुमला।झारखंड के दो अमर सपूत बख्तर साॅय और मुंडल सिंह का शहादत दिवस गुमला जिला के रायडीह के गढ़ पहाड़ वासुदेव के ऐतिहासिक पहाड़ की तलहटी में पारंपरिक श्रद्धा के साथ मनाया गया।इसमें गुमला के आसपास के हजारों ग्रामीणों ने भाग लिया।  



विदित हो कि झारखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्र में पूर्व मध्य प्रदेश की सीमा में रायडीह प्रखंड के जागीरदार बख्तर साॅय और मुंडल सिंह ने इस क्षेत्र को अंग्रेजों से आजाद करने के लिए कड़ा संघर्ष किया और अपने सैनिकों के साथ एक ऐतिहासिक लड़ाई लड़ी,लेकिन अंग्रेजों की गोले बारूद के आगे यह लड़ाई लंबा नहीं चल सकी,लेकिन इनके रण कौशल से निर्णायक लड़ाई के दौरान गढ़ पहाड़ के नीचे अंग्रेजी पलटन को आने के लिए विवश कर दिया और करीब तीन सौ फीट ऊपर पहाड़ी से चट्टानों को लुढ़काकर अनेक अंग्रेजों और इनके सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया। बाद में अंग्रेजों ने छल पूर्वक दोनों योद्धाओं को गिरफ्तार कर कलकत्ता में फोर्ट विलियम ईस्टर्न कमांड हेडक्वार्टर में चार अप्रैल, 1812 को फांसी दे दिया गया।



इसी शहादत दिवस को मनाने के लिए विशेष रूप से धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की प्रपौत्री चंपा मुंडा,बड़कागढ़ के जागीरदार शहीद विश्वनाथ शाहदेव के प्रत्यक्ष उत्तराधिकारी लाल प्रवीर नाथ शाहदेव, शहीद नीलांबर पीतांबर के वंशज कोमल खेरवार , शहीद मुंडल सिंह के वंशज सावित्री देवी , महेंद्र प्रसाद सिंह , बजरंग सिंह , रामप्रताप सिंह , स्वतंत्रता सेनानी स्व. नागेश्वर प्रसाद के पौत्र रवि दत्त , सामाजिक कार्यकर्ता पप्पू चक्रवर्ती और सामाजिक कार्यकर्ता सौरभ कुमार सहित प्रशासनिक अधिकारी और समाज के प्रबुद्ध लोगों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किया। मौके पर लोक कला संस्कृति विभाग द्वारा शहीदों के सम्मान में गीत संगीत का कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।


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