पूर्वांचल सूर्य प्रतिनिधि
चतरा।सदर थाना क्षेत्र के धर्मपुर गांव में उस समय सनसनी फैल गई,जब गौतम बस के मालिक 45 वर्षीय पिंटू सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।इस घटना के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं,क्या यह आर्थिक दबाव में उठाया गया आत्मघाती कदम है या फिर इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी है।पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार धर्मपुर गांव निवासी लखन सिंह के बेटे पिंटू सिंह ने हाल ही में एक साथ करीब डेढ़ दर्जन सवारी बसों को फाइनेंस पर खरीदा था।रोड परमिट न मिलने से पिंटू का व्यवसाय शुरू नहीं हो पा रहा था।बसें खड़ी रहीं, किस्तें बढ़ती गईं और कर्ज का बोझ दिन पर दिन बढ़ता गया।
करीबी लोगों का कहना है कि परमिट नहीं मिलने और बढ़ते वित्तीय दबाव के कारण वे काफी तनाव में रहने लगे थे। परिवार और परिचितों के अनुसार वे पिछले कुछ दिनों से बेहद चिंतित दिखाई दे रहे थे। पिंटू की अचानक हुई मौत ने पूरे बस व्यवसाय से जुड़े लोगों को स्तब्ध कर दिया है।परिवहन व्यवसायियों में शोक की लहर है और हर कोई यही सवाल कर रहा है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक उभरते व्यवसायी को इस अंजाम तक पहुंचना पड़ा।
फिलहाल सदर थाना पुलिस मामले को आत्महत्या और हत्या दोनों पहलुओं से जांच रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है,वहीं गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। सच क्या है यह तो जांच के बाद ही सामने आएगा, लेकिन एक बात साफ है कि इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।