हाई-प्रोफाइल विवाद का हुआ सुखद अंत,चर्चित पीसीएस अधिकारी ज्योति और आलोक फिर रहने लगे साथ

हाई-प्रोफाइल विवाद का हुआ सुखद अंत,चर्चित पीसीएस अधिकारी ज्योति और आलोक फिर रहने लगे साथ

06 Apr 2026 |  14

 



प्रयागराज।कभी मीडिया की सुर्खियों से लेकर सियासी गलियारों तक चर्चा में रहा एक परिवार का विवाद अब सुलझ गया है। उत्तर प्रदेश की चर्चित पीसीएस अधिकारी अधिकारी ज्योति मौर्या और पंचायती राज विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर तैनात उनके पति आलोक मौर्या के बीच चल रहा विवाद अब खत्म हो गया है। लगभग ढाई साल तक आरोप-प्रत्यारोप,जांच और विवादों के बाद अब दोनों ने एक साथ रहने का फैसला किया है।इस नई शुरुआत के साथ उनकी जिंदगी एक बार फिर सामान्य पटरी पर लौट गई है।



मिली जानकारी के मुताबिक ज्योति मौर्या और आलोक मौर्या अब एक साथ रह रहे हैं।ज्योति मौर्या को प्रमोशन मिला है और उनकी पोस्टिंग नोएडा में हुई है।वहीं आलोक मौर्या भी उनके साथ रह रहे हैं और अपने भविष्य को नए सिरे से संवारने में जुटे हैं।आलोक कई प्रतियोगी परीक्षा दे रहे हैं।आलोक इस बार की यूपी पीसीएस में के इंटरव्यू तक पहुंचे थे,लेकिन अंतिम सूची में उनका नाम नहीं था।



ऐसे शुरू हुआ था विवाद



इस विवाद की शुरुआत साल 2010 में हुई थी,जब ज्योति मौर्या और आलोक मौर्या की शादी हुई थी।शुरुआत में सब कुछ सामान्य रहा। 2015 में जब ज्योति का चयन पीसीएस में हुआ और एसडीएम की जिम्मेदारी मिली।तभी से दोनों के रिश्ते में बदलाव आने लगा।यहीं से दोनों के बीच दूरी बढ़ने लगी।ज्योति प्रशासनिक सेवा में तेजी से आगे बढ़ती गईं, जबकि आलोक पंचायती राज विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में कार्यरत रहे। आलोक का दावा था कि उन्होंने अपनी पत्नी की पढ़ाई और तैयारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन सफलता मिलने के बाद ज्योति ने उन्हें नजरअंदाज करना शुरू कर दिया।वहीं दूसरी ओर ज्योति और उनके परिवार की ओर से भी अलग-अलग आरोप लगाए गए।



आरोप-प्रत्यारोप और बढ़ता विवाद



यह मामला समय के साथ निजी दायरे से निकलकर सार्वजनिक मंच तक पहुंच गया।आलोक मौर्या ने अपनी पत्नी ज्योति मौर्या पर भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगाए,आलोक ने शासन से इसकी शिकायत भी की और उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई।यही नहीं आलोक ने ज्योति पर एक अन्य अधिकारी के साथ संबंध होने का भी आरोप लगाया,इससे मामला और ज्यादा सुर्खियों में आ गया। इन आरोपों के बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच के आदेश दिए गए।एक तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई,जिसने दोनों पक्षों से साक्ष्य मांगे।हालांकि जांच के दौरान मामला अचानक मोड़ लेता दिखा,जब आलोक ने अपने आरोपों को साबित करने के बजाय शिकायत वापस ले ली,इसके बाद जांच कमेटी ने मामले को समाप्त करने की रिपोर्ट दे दी।



सोशल मीडिया पर जमकर हुई चर्चा 



यह विवाद सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। सोशल मीडिया पर यह लगातार ट्रेंड करता रहा।कभी ज्योति मौर्या के समर्थन में आवाज उठी, तो कभी आलोक मौर्या के पक्ष में लोग सामने आए। इस पूरे घटनाक्रम ने समाज में कई सवाल खड़े किए थे क्या सफलता रिश्तों को बदल देती है, क्या पति-पत्नी के बीच संतुलन बनाना मुश्किल होता जा रहा है।आलोक ने इस दौरान पुरुषों के अधिकारों को लेकर भी आवाज उठाई।प्रधानमंत्री,मुख्यमंत्री और अन्य संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को पत्र लिखकर पुरुष आयोग के गठन की मांग की।हाल के दिनों में आलोक की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं,जिनमें वह लोक सेवा आयोग के पास नजर आए,इसके बाद यह अफवाह भी फैली कि उनका चयन एसडीएम पद के लिए हो गया है।हालांकि बाद में स्पष्ट हुआ कि वह अपने एक मित्र को बधाई देने वहां पहुंचे थे,जिसका चयन हुआ था।



अब क्यों बदला रुख



लगभग ढाई साल तक चले विवाद के बाद ज्योति मौर्या और आलोक मौर्या का एक साथ आना कई लोगों के लिए आश्चर्य का विषय है।हालांकि इसे एक परिपक्व निर्णय के रूप में भी देखा जा रहा है।सूत्रों के मुताबिक परिवार और करीबी लोगों की पहल के बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे मतभेद कम होते गए।अंततः दोनों ने साथ रहने का फैसला किय।यह फैसला सिर्फ दो लोगों का नहीं, बल्कि दो परिवारों के लिए भी राहत लेकर आया है, जो लंबे समय से इस विवाद के कारण मानसिक दबाव में था।


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